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हिंदी समन्वय की भाषा है, भारत की चेतना है: अरुण कुमार शर्मा

  • नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की अर्द्धवार्षिक बैठक आयोजित
    गाजियाबाद।
    अल्ट सेंटर में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (उपक्रम) गाजियाबाद की अर्द्धवार्षिक बैठक का आयोजन किया गया। सैंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के सहयोग से नराकास की यह अर्द्धवार्षिक बैठक एएलटी सेंटर के मुख्य महाप्रबंधक श्री अरुण कुमार शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
    इस बैठक में नराकास अध्यक्ष एवं मुख्य महाप्रबंधक अरुण कुमार शर्मा, निवर्तमान अध्यक्ष-नराकास, महेश कुमार सेठ, निर्मल कुमार दुबे, सहायक निदेशक – क्षेत्रीय राजभाषा कार्यान्वयन कार्यालय, राजभाषा विभाग, प्रवीण चंद्र अवस्थी एवं रजत गर्ग, महाप्रबंधक सैंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लि., श्रीवास्तव-भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, अनूप कुमार राय, मुख्य वैज्ञानिक-केंद्रीय अनुसंधान प्रयोगशाला, देवी प्रसाद, प्रताप नारायण दोहरे, मोहन सिंह, महाप्रबंधक- एएलटी सेंटर, सुखदेव सिंह, महाप्रबंधक दूरसंचार, अनुराग दुबे, महाप्रबंधक – स्टील अथॉरिटी आफ इंडिया, न्यू इंडिया एशोरेंस के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक हरेन्द्र शर्मा एवं दलजीत सिंह, गेल इंडिया से विशाल कश्यप एवं अजय पाल सिंह, एएलटीटीसी से उप महाप्रबंधक श्रीमती सुरेश देवी, आदित्य झा, अशोक कुमार शर्मा तथा अन्य सदस्य उपक्रमों के प्रमुखों सहित नराकास (उपक्रम) के सदस्य सचिव ललित भूषण उपस्थित रहे।
    नराकास अध्यक्ष एवं मुख्य महाप्रबंधक अरुण कुमार शर्मा ने कहा कि हिंदी भारतीय संस्कृति का प्रतिबिंब है। हिंदी समन्वय की भाषा है तथा संपूर्ण भारत को एकता के सूत्र में पिरोती है। हिंदी भारत में संपर्क भाषा के रूप में व्यवहार में लाई जाती है। अलग-अलग भाषा-भाषी होते हुए लोग हिंदी में वार्ता करते है। नराकास के विषय में उन्होंने कहा कि यह एक आपसी समन्वय का मंच है जिसके माध्यम से हम आपसी समन्वय स्थापित करके राजभाषा नीति की सम्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं तथा अपने कार्यालयों में कार्यान्वित करते हैं।
    सैंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लि. के महाप्रबंधक प्रवीण चंद्र अवस्थी ने कहा कि हिंदी में वह सार्मथ्य है कि वह आज की तकनीकी के साथ अपना सामंजस्य बैठा रही है। यही कारण है कि हिंदी भाषा हर क्षेत्र में अपना प्रभाव जमा रही है। सरकारी कामकाज में भी हमें हिंदी का अधिक से अधिक प्रयोग करना है। राजभाषा के प्रचार.प्रसार हेतु किए जाने वाले प्रत्येक कार्य को करने के लिए तत्पर रहते हैं तथा राजभाषा हिंदी को और अधिक समृद्ध बनाने के लिए भी कृत.संकल्प हैं। बैठक में विगत छमाही में कार्यालयों में हिंदी में किए गए कार्यों की समीक्षा की गई तथा आगामी दिनों में किए जाने वाले विभिन्न कार्यक्रमों, प्रतियोगिताओं एवं कार्यशालाओं के आयोजन के संबंध में निर्णय लिए गए। राजभाषा विभाग के नियमानुसार नराकास की वर्ष में दो बैठकें की जाती हैं। इस वित्तीय वर्ष की यह प्रथम बैठक थी। कार्यक्रम का संचालन श्री ललित भूषण, सदस्य सचिव नराकास द्वारा किया गया।

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