निरंकुश ट्रम्प वसूलेंगे रंगदारी

दुनिया भर को आर्थिक संकट में डालने वाले विश्व के सबसे धनाड्य देश अमेरिका के दबंग निरंकुश राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नयी घोषणा कर दुनिया को एक और नयी परेशानी में डाल दिया है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बिना किसी ठोस कारणों के आरम्भ हुआ यह महायुध्द आज 137 दिन बीत जाने के बाद भी किसी परिणाम तक नहीं पहुंच पाया, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप की नयी घोषणा ने एक नयी परेशानी खड़ी कर दी है। श्री ट्रंप ने बीते दिन अपने एक सार्वजनिक ब्यान में यह घोषणा की कि हाॅमुज स्टेट से निकलने वाले हर जहाज को वो सुरक्षा प्रदान करेगा और इसके लिए 20 प्रतिशत शुल्क चार्ज करेगा। ट्रंप अपनी यह घोषणा इस आधार पर कर रहे हैं कि दो पहाड़ों के बीच 30 किलोमीटर चौड़े संकरे समुन्द्री रास्ते में जो हिस्सा ओमान के समुन्द्री क्षेत्र में आता है वो उसके जरिये जहाजों को अपनी अनुमति से निकालने की व्यवस्था बनायेंगेे। जैसा आपको मालूम है कि हाॅर्मुज के इस 30 किलोमीटर चौड़े रास्ते मे 18 किलोमीटर समुन्द्री क्षेत्र ईरान के कब्जे में है और 12 किलोमीटर चौड़ा रास्ता ओमान के हिस्से में आता है। लेकिन ओमान वाले इस कम चौड़े रास्ते की गहराई इतनी नहीं है कि खाड़ी देशों से आने वाले तेल और गैस के टैंकरों वाले जहाजों को इस रास्ते से सुगमता से पार कराया जा सके। लेकिन दबंग ट्रंप की दादागिरि का फैसला है कि वो ओमान के संकरे रास्ते से जहाजों को पार करायेगे और उनसे टोल शुल्क के नाम पर रंगदारी वसूलेंगे। हाॅमुज के इस विवादित क्षेत्र से अमेरिका की दूरी लगभग 1200 किलोमीटर है और अमेरिका का इस क्षेत्र से कोई लेना देना नहीं है, ना तो उसकी भू सीमा इसके आसपास है और न ही वायुसीमा क्षेत्र खाड़ी के इन देशों से कहीं छूता है और ना ही इसकी समुन्द्री सीमा दूर-दूर तक इससे कोई मतलब रखती है। ऐसे में अमेरिका का इस क्षेत्र में जबरन दखल देकर टोल टैक्स वसूलना अंतरराष्ट्रीय नियमों के तो विरूध्द है ही साथ ही नैतिक तौर पर ऐसा करना अनैतिक कार्य है। अगर दबंग ट्रंप अपने इस ब्यान पर अड़े रहे तो पूरी दुनिया को एक नये आर्थिक संकट को झेलना पडेंगा, क्योंकि ईरान भी अपने क्षेत्र में आने वाले इस होर्मूज स्टेट को पार करने के लिए हर जहाज से अलग अपना सेवा शुल्क वसूलेगा जो अब भविष्य में उसके नये आर्थिक आधार का एक मुख्य स्रोत होगा। अब दुनिया के सभी प्रभावित छोटे बड़े देशों को एकजुट हो कर एक स्वर में अमेरिका का विरोध करना ही होगा। इसमें भारत देश की अहम भूमिका रहनी ही चाहिए, क्योंकि भारत एशिया का एक सबसे बड़ा एक ऐसा मुल्क है जो पूरे एशिया का राजनैतिक नेतृत्व कर रहा है और दक्षिण-पूर्वी एशिया का सबसे बड़ा ऐसा देश है जिसका नेतृत्व इस क्षेत्र के अधिकांश देश स्वीकार करते है। डोनाल्ड ट्रंप की यह अवैध रंगदारी की वसूली का अगर सभी देशों ने मिलकर तुरन्त विरोध ना किया और ट्रंप को ऐसा करने से ना रोका तो विश्व के बड़े हिस्से में पेट्रोल-डीजल, गैस और खाद की ऐसी कमी आ जायेगी, जिससे दुनिया में एक नया अभूतपूर्व आर्थिक संकट पैदा हो जायेगा।


