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विश्व जल दिवस पर ग्लोबल वाटर कांग्रेस का आयोजन, वक्ताओं का जल संरक्षण पर जोर

गाजियाबाद। एनवायरनमेंट एंड सोशल डेवलपमेंट एसोसिएशन ने विश्व जल दिवस टैक्नोलॉजी मे दो दिवसीय ग्लोबल वाटर कांग्रेस का आयोजन किया जिसमें मालदीव देश का विला कालेज, जी.आर.सी. इंडिया, दिल्ली विश्वविद्यालय का डा. भीम राव अम्बेडकर कालेज, अमेटी विश्वाविद्यालय, जी.डी. गोयनका विश्वाविद्यालय, आई. आई.एम.टी. ग्रेटर नोएडा, राम चमेली चड्ढा गर्ल्स कालेज एवं अलाईनस फॉर रिवर्स आदि सहयोगी आयोजक थे।
उद्घाटन सत्र का प्रारम्भ कार्यक्रम के संयोजक एवं एनवायरनमेंट एंड सोशल डेवलपमेंट एसोसिएशन के चेयरमैन डा. जितेंद्र नागर के स्वागत भाषण से हुआ। डा. नागर ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस वैश्विक सम्मलेन का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण के प्रति जागरूकता एवं दुनिया भर की जल से सम्बंधित रिसर्च एवं ज्ञान को साझा करना ताकि मिलकर जल स्रोत को बचाया जा सके।
सम्मलेन के मुख्य अतिथि विश्व प्रसिद्ध पर्यावरणविद पदम भूषण डा. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि जल संसाधनों के अति दोहन एवं कुप्रबंधन से जल स्रोत नदियां, झील, तालाब समाप्त होने के कगार पर हैं एवं भूजल प्रदूषित एवं जहरीला हो गया है। जिसके लिए तुरंत उपाय करने होंगे।
अम्बेडकर कालेज के प्राचार्य प्रोफेसर आर. एन. दूबे ने कहा कि हमें फिर से जल उपयोग एवं सरक्षण के परम्परागत समाधान अपनाने होंगे ताकि हम अपनी आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ जल प्रदान कर सके। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि माल्दीव के विला कालेज के डीन डा. अहमद शाहिद ने बताया कि जलवायु परिवर्तन का जल संसाधनों पर बहुत गंभीर प्रभाव पड़ रहा है जिससे मालदीव में समुंद्रो का स्तर काफी बढ़ गया है और कई द्वीप डूबने के कगार पर है।
राज कुमार गोयल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी के एडवाइजर डा. लक्मण प्रसाद ने कहा कि दुनियां के वैज्ञानिकों के सामने समुंद्र जल को पीने लायक बनाना है। सत्र मे जी.आर.सी. के महानिदेशक डा. धीरज सिंह, आई.आई. एम.टी. ग्रेटर नोएडा के महा निदेशक प्रोफेसर एम. के. सोनी एवं ग्लोबल फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा. प्रणव पतार ने जल संसाधनों के संरक्षण के लिए वक्तव्य दिया। अंत में राम चमेली चढ़ा कालेज की प्रधानाचार्या डा. नीतू चावला ने धन्यवाद भाषण दिया और सभी अतिथियों का धन्यवाद किया। इसी सत्र मे प्रोफेसर आर. एन. दुबे एवं डा. लक्मण प्रसाद को ई. एस. डी. ए. अकादमिक एक्सीलेंस आवार्ड से सम्मानित किया गया।
सम्मलेन मे दो तकनीकी सत्रों का आयोजन किया जिसमें देश-विदेश के वरिष्ठ वक्ताओं ने अपने काम एवं रिसर्च को साझा किया। प्रथम सत्र में मुख्य रूप से आई.आई.टी. दिल्ली के प्रोफेसर ए. के. केसरी, अमेटी विश्वविद्यालय नोएडा की प्रोफेसर तनु जिंदल, नेशनल ताईवान तकनीकी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर वे सांग हंग, जय गोपाल, प्रोफेसर राम कृष्णा ठाकुर, डा. मोनिका अहलावत, डा. रिचा प्रियादर्शनी ने अपने वक्तव्य प्रेषित किये तथा दुसरे सत्र मे प्रख्यात पर्यावरणविद ज्ञानेन्द्र रावत, एम. एम. एच. कालेज के समाजशास्त्री डॉ. राकेश राना, पत्रकार परवीन भारद्वाज, दिल्ली के अम्बेडकर कालेज के डा. जितेंद्र नागर, डा. अरविन्द यादव एवं डा. रविद्र सिंह ने जल संरक्षण पर अपने विचार साझा किये।
कार्यक्रम में डा. अशोक यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष रवीद अहमद, डा. कविता खटाना, डा. गीतांजलि सगीना, डा. मेहजबीन अफाक, सरिता वर्मा, सौरभ सिंह, प्रवीण गौतम, डा. नीलम शर्मा, गीतांजलि आदि ने भाग लिया

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