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आरआरआर योजना का प्रभावी ढंग से उठाया जा सकता है लाभ: सीडीओ

  • मध्यप्रदेश के खजुराहो में आयोजित किया गया आॅपरेशन लाइजिंग रिपेयर, रेनोवेशन एंड रिस्टोरेशन आॅफ वॉटरबॉडी स्कीम नामक सम्मेलन
  • दो दिवसीय इस सम्मेलन के नोडल अधिकारी थे सीडीओ
  • सीडीओ ने आरआरआर योजना पर गाजियाबाद में किए गए कार्यो को रखा पटल पर
  • जल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं का जनपद गाजियाबाद में किए गए क्रियान्वयन पर दिया प्रजेंटेशन
    गाजियाबाद। मध्यप्रदेश के खजुराहो में आॅपरेशन लाइजिंग रिपेयर, रेनोवेशन एंड रिस्टोरेशन आफ वॉटरबॉडी स्कीम (आरआरआर) नामक दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में शासन द्वारा नामित नोडल अधिकारी के रूप में गाजियाबाद के मुख्य विकास अधिकारी विक्रमादित्य सिंह मलिक ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने भारत सरकार की योजना (आरआरआर) मरम्मत, नवीनीकरण और बहाली योजना पर गाजियाबाद में किए गए कार्यों को पटल पर न सिर्फ रखा बल्कि जल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं का गाजियाबाद में किए गए क्रियान्वयन का बखूबी प्रजेंटेशन किया। सीडीओ विक्रमादित्य सिंह मलिक ने अमृत सरोवर योजना पर किए गए कार्यों को उपस्थित समूह के समक्ष रखा। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि जनपद गाजियाबाद अमृत सरोवर योजना में प्रदेश में नम्बर-1 पर रहा है। उन्होंने केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का जनता को किस तरह लाभ मिले इस पर विस्तार से उपस्थित लोगों के समक्ष रखा। उन्होंने आयोजित सम्मेलन में जल सुरक्षा के लिए मजबूत रोडमैप निर्माण पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि आंकड़ों के अनुसार 68 प्रतिशत से अधिक भारत सूखाग्रस्त है और 80 करोड़ से अधिक भारतीय अत्यधिक पानी के तनाव का सामना करते हैं। पानी ग्रामीण परिवारों पर भारी मानसिक, भावनात्मक और वित्तीय प्रभाव डालता है, ग्रामीण संकट का मूल कारण है। हालांकि, कुछ सरल उपाय हैं जो पानी की कमी के कारण होने वाले संकट को कम कर सकते हैं। भारत भर में, 1-10 हेक्टेयर के बीच के आकार के 24 लाख जल निकाय हैं, इनमें से कई प्रत्येक वर्ष जनवरी के आसपास सूख जाते हैं। इन जल निकायों का कायाकल्प करके हम पानी की सतह भंडारण क्षमता में वृद्धि, भूजल पुनर्भरण में वृद्धि सुनिश्चित कर सकते हैं और पूरे देश में ग्रामीण समुदायों के लिए आर्थिक प्रगति को बढ़ावा दे सकते हैं। भारत सरकार की मरम्मत, नवीनीकरण और बहाली (आरआरआर) योजना, यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं कि भारत में बड़े पैमाने पर जल निकायों का कायाकल्प किया जाए।

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