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आईटीएस में आनलाइन इंटरनेशनल कांफ्रेंस -2023 का आयोजन

गाजियाबाद। मोहननगर स्थित आईटीएस मोहन नगर गाजियाबाद में “इनोवेशन, एजिलिटी एंड सस्टेनेबिलिटी इन ग्लोबल बिजनेस एनवायरमेंट” विषय पर आधारित दो दिवसीय आनलाइन इंटरनेशनल कांफ्रेंस -2023 का शुभारंभ किया गया। प्रथम दिन आयोजन का शुभारंभ मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल अजय कुमार सिंह (सेवानिवृत्त) पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम, वीएसएम, पूर्व लेफ्टिनेंट गवर्नर, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और पुडुचेरी, गेस्ट आफ आनर प्रो.एस के जैन, पूर्व कुलपति, श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय, जम्मू, गेस्ट आफ आनर डॉ. रविशंकर, प्रोफेसर, आईआईटी दिल्ली, आई टी एस – द एजुकेशन ग्रुप के वाईस चेयरमैन अर्पित चड्ढा, निदेशक आईटीएस गाजिÞयाबाद डॉ.वी एन बाजपई, सम्मेलन संयोजक डा. मनोज कुमार झा द्वारा परंपरागत ढंग से सम्पन्न किया गया। आईटीएस- द एजुकेशन ग्रुप के वाईस चेयरमैन अर्पित चड्ढा ने सभी छात्रों, शिक्षकों व अतिथि वक्ताओं को अपनी शुभकामनाएं दी और संस्थान द्वारा इस तरह के आयोजन हेतु प्रसन्नता व्यक्त की।
निदेशक आईटीएस डॉ.वी एन बाजपई ने अपने स्वागत भाषण में सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया साथ ही कांफ्रेंस के मुख्य उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने उल्लेख किया कि नवीनता और दक्षता अविभाज्य हैं। उनके अनुसार चपलता व दक्षता के माध्यम से नवाचार के लिए विभिन्न क्षेत्रों में प्रयोग की आवश्यकता होती है। सम्मेलन के संयोजक डा. मनोज कुमार झा ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की और कॉन्फ्रेंस से सम्बंधित मुख्य बिन्दुओ से अवगत कराया और कांफ्रेंस की विशिष्टता पर ध्यान आकर्षित किया और विचारों के सार्थक समागम से अनुकूल परिणाम की आशा जताई।
गेस्ट आॅफ आॅनर डॉ. रविशंकर ने ट्रिपल बॉटम लाइन की अवधारणा का आह्वान किया और जोर दिया कि आर्थिक विकास, सामाजिक लाभ के साथ पर्यावरण संरक्षण के समानांतर उद्देश्यों को प्राप्त करने की आवश्यकता है। गेस्ट आॅफ आॅनर प्रो.एस के जैन ने इंगित किया कि कैसे विभिन्न क्षेत्रों में कंपनियों व उपभोक्ताओं का घटता जीवन चक्र, नवाचार के विकास के लिए बाध्यता और अवसर दोनो हैं।
मुख्य अथिति श्री अजय कुमार सिंह ने वीयूसीए दुनिया में नेतृत्व के अद्वितीय पहलू का जिक्र करते हुए उसे सैन्य नेतृत्व के समान बताया। उन्होंने इस तथ्य की ओर इशारा किया कि कॉरपोरेट जगत भी सिर्फ साधारण लाभ और हानि मूल्यांकन तक सीमित ना रह कर उत्तरजीविता केंद्रित मॉडल को नियोजित कर के अधिक लाभान्वित हो सकते हैं। प्रथम प्लेनरी सत्र श्री रवि रंजन मिश्रा, निदेशक (सलाहकार सेवाएं),आईएफसीआई लिमिटेड,भारत सरकार,नयी दिल्ली, डॉ वी के गुप्ता,आईआईएम इंदौर, डॉ प्रो.जी श्रीधर,आईआईएम कोझिकोड, डॉ पीयूष सिन्हा,डायरेक्टर-एडवाइजरी एंड रिसर्च व पूर्व प्रोफेसर,आईआईएम अहमदाबाद तथा प्रो. के एम बहारुल इस्लाम,आईआईएम काशीपुर व विजिटिंग प्रोफेसर लंदन स्कूल आॅफ इकोनॉमिक्स ने भाग लिया और अस्थिर वैश्विक व्यापार पर्यावरण में व्यापार की स्थिरता विषय पर परिचर्चा की। संध्याकालीन द्वितीय सत्र में वैश्विक व्यापारिक वातावरण में नवाचार, दक्षता व स्थिरता विषय पर परिचर्चा में प्रो.जस्टिन पॉल,प्प्यूर्टो रिको यूनिवर्सिटी, यूएसए, डॉ त्रान थी होंग न्गोक,एन जियांग यूनिवर्सिटी, वियतनाम, प्रो.एलेक्स तबारोक,जॉर्ज मेंशन यूनिवर्सिटी,फेयरफैक्स, वर्जीनिया, प्रो. डेविड विटेनबर्ग, प्रबंधन,आई एस एम ई कॉलेज,मुंबई, प्रो.एड्रियाना बर्लिया-शियोपोइउ,क्रायोवा विश्वविद्यालय,रोमानिया, प्रो.आई एम रोथगीसर, निदेशक,एसीसीईडीयू, यूनिवर्सिटी एंड्रेस बेल,पेरू, प्रो आर्क वुडसाइड, बोस्टन कॉलेज, यूएसए ने परिचर्चा में भाग लिया। प्रथम दिन उद्घाटन सत्र में 450 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। दो दिवसीय सम्मेलन के चार सत्रों में 52 शोध पत्र प्रस्तुत किये गए। गुणवत्ता तथा महत्व के आधार पर मूल्यांकन करके प्रत्येक सत्र के प्रथम एवं द्वितीय विजेताओं को प्रशंसा पत्र प्रदान किये गए। इस अवसर पर समीक्षा के उपरांत कुल 80 शोध पत्रों को उच्च कोटि के इंटरनेशनल जर्नल में प्रकाशित किया गया। वैलेडिक्टरी सेशन में निदेशक डॉ.वी एन बाजपई के संबोधन के साथ आयोजन की समाप्ति की गयी। कार्यक्रम के अंत में संयोजक डॉ मनोज कुमार झा ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों व आयोजको को सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए साभार धन्यवाद किया।

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