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जन्म-मृत्यु पंजीकरण की समस्या को जल्द से जल्द दूर करें अधिकारी: सीडीओ अभिनव गोपाल

  • अत्यधिक महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं जन्म—मृत्यु प्रमाण पत्र, पंजीकरण जरूरी
    गाजियाबाद। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल की अध्यक्षता में दुर्गावती देवी सभागार, विकास भवन में जन्म-मृत्यु पंजीकरण कार्य के प्रभावी अनुश्रवण हेतु जिला स्तरीय अंतर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम के प्रभावी क्रियान्वयन आदि के संबंध में चर्चा की गयी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने देरी से हो रहे जन्म-मृत्यु पंजीकरण की समस्या को जल्द से जल्द दूर करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने मृत्यु पंजीकरण पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए तथा उपस्थित सभी अधिकारियों को कहा कि जन्म-मृत्यु पंजीकरण कार्य को गंभीरतापूर्वक निष्पादित करना सुनिश्चित करें। जिला स्तरीय अंतर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक में जनगणना कार्य निदेशालय उत्तर प्रदेश आए लखनऊ गृह मंत्रालय भारत सरकार से आए अभिमन्यु सिंह ,उपनिदेशक द्वारा पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जन्म- मृत्यु पंजीकरण के प्रावधानों , मंत्रा सीआरएस लिंकेज पर प्रस्तुतीकरण किया गया। प्रस्तुति के दौरान उनके द्वारा जन्म एवं मृत्यु के सभी घटनाओं का शत प्रतिशत पंजीकरण करने को कहा गया। साथ ही सभी सरकारी अस्पताल मृत्यु के मामलें में फॉर्म नं. 2 के अलावा एमसीसीडी के फॉर्म नं 4 को भरने का निर्देश दिया गया। प्राइवेट हॉस्पिटल, जहां जन्म एवं मृत्यु की घटनाएं हो रही हैं उन्हे इंफार्ममेंट आईडी उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा बताया गया कि जन्म-मृत्यु की घटनाओं का प्रमाण पत्र 21 दिन के अंदर नि:शुल्क जारी किए जाने का प्रावधान है। जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1969 के अंतर्गत प्रत्येक जन्म एवं मृत्यु का रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य है। संस्थागत मृत्यु के मामलों में मृत्यु के कारणों का चिकित्सा प्रमाणन अनिवार्य रूप से किया जाए।
    मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि अफसर क्षेत्र भ्रमण के दौरान जन्म-मृत्यु पंजीकरण इकाई का निरीक्षण कर मॉनिटरिंग करें। सभी पंचायत भवनों व निकाय कार्यालयों पर जन्म-मृत्यु पंजीकरण संबंधी बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा बताया गया कि जन्म-मृत्यु पंजीकरण से जनहित में जनकल्याणकारी योजनाओं के संचालन एवं कार्यक्रम आदि में सहायता मिलती है। जन्म प्रमाण पत्र व्यक्ति को पहचान, पासपोर्ट, नागरिकता, स्कूल में प्रवेश आदि में जरूरी है। मृत्यु प्रमाण पत्र संपत्ति, बीमा आदि लाभ, विरासत, मृतक आश्रित लाभ आदि के लिए जरूरी है। बैठक के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.भवतोष शंखधर, एसडीएम, ईओ, एमओआईसी, सीएमएस, जनगणना कार्य निदेशालय, लखनऊ से श्री अवधेश यादव सहायक निदेशक सहित संबन्धित विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर उपस्थित रहे।

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