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राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम : एसएनसी सर्वे के बाद हापुड़ जनपद को मिला ब्रॉन्ज मेडल

  • जनवरी, 2023 में सेंट्रल टीबी डिवीजन की टीम ने किया था सर्वे
  • 2015 के मुकाबले 2022 में सभी नौ इंडीकेटर्स में आया था सुधार
    हापुड़। जनपद के दस गांवों में हुए सब- नेशनल सर्टिफिकेट (एसएनसी) सर्वे का परिणाम आ गया है। रविवार को लखनऊ में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान हापुड़ जनपद को ब्रॉन्ज मेडल से नवाजा गया। कार्यक्रम के दौरान सूबे के कुल 13 जनपदों को गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल प्रदान किए गए। हापुड़ से कार्यक्रम में शामिल हुए जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डा. राजेश सिंह को उप-मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने अपने कर कमलों से ब्रॉन्ज मेडल प्रदान किया। उन्होंने टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के सभी नौ इंडीकेटर्स में सुधार दर्ज होने पर डा. सिंह की पीठ भी थपथपाई। डीटीओ डा. सिंह ने बताया कि जिला क्षय रोग विभाग की ओर से सेंट्रल टीबी डिवीजन (सीटीडी) के समक्ष ब्रॉन्ज मेडल के लिए आवेदन किया गया था। आवेदन के बाद सेंट्रल टीबी डिवीजन की ओर से पांच से 25 जनवरी, 2023 तक जिले के 10 गांवों में एसएनसी सर्वे कराया गया था। सर्वे के दौरान सीटीडी ?की ओर से चिन्हित किए गए चारों ब्लॉक के 10 गांवों से एक-एक हजार परिवारों की स्क्रीनिंग हुई थी। सर्वे की हकीकत जानने के लिए सीटीडी की टीम पांच दिन तक जनपद में रही थी। सीटीडी की टीम में नोएडा इंस्टीट्यूट आॅफ मेडिकल साइंसेज (निम्स) की कम्युनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. डा. रंजना सिंह, निम्स में एसोसिएट प्रोफेसर डा. रमाशंकर और विश्व स्वास्थ्य संगठन से डा. स्टेफी शामिल रही थीं। जिला पीपीएम समन्वयक सुशील चौधरी ने बताया – सीटीडी की टीम ने निजी चिकित्सकों और मेडिकल स्टोर संचालकों का भी साक्षात्कार किया था। साक्षात्कार के जरिए 2015 से 2022 तक नोटिफिकेशन और दवाओं की खरीदारी में आए बदलावों को जानने का प्रयास किया गया था। सर्वे कार्य के लिए मेडिकल कॉलेज के छात्रों की बतौर वालंटियर सेवाएं ली गई थीं। सेंट्रल टीबी डिवीजन की टीम ने सर्वे में शामिल गांवों का दौरा कर सर्वे की समीक्षा करने के साथ ही जिले में चल रहे टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की भी समीक्षा की थी।

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