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पोस्टमार्टम प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए राज्यमंत्री नरेन्द्र कश्यप को सौंपा ज्ञापन

गाजियाबाद। पोस्टमार्टम की जटिल प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए परमार्थ सेवा ट्रस्ट ने एक ज्ञापन उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री नरेन्द्र कश्यप को उनके संजयनगर स्थित आवास पर सौंपा। राज्यमंत्री को दिए गए ज्ञापन में ट्रस्ट के चेयरमैन वीके अग्रवाल, अध्यक्ष अरुण त्यागी व मीडिया प्रभारी बीके शर्मा हनुमान में बताया है कि यदि किसी व्यक्ति की रंजिश अथवा झगड़े या फिर हादसे में मृत्यु हो जाती है तो पुलिस केस होने के कारण, मृत्यु का कारण जानना आवश्यक होता है। इसके लिए पुलिस टीम द्वारा घटना स्थल पर पहुंचकर, घटना की जांच करके, शव का पंचनामा भरा जाता है तथा शव को सील करके पुलिस कस्टडी में हिंडन पोस्टमार्टम हाउस को भेजा जाता है। जांच अधिकारी द्वारा दो रिपोर्ट तैयार की जाती है। इनमे एक रिपोर्ट पुलिस लाइन में आरआई के दफ्तर में एंट्री कराने हेतू भेजी जाती है। दूसरी रिपोर्ट को मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में भेजी जाती है। रिपोर्ट पर सीएमओ या उनके द्वारा अधिकृत डाक्टर के आदेश पश्चात ही पोस्टमार्टम किया जाता है। दुख के इन क्षणों में लम्बी सरकारी प्रक्रिया का दूसरा दुखी करने वाला पहलू यह भी है कि पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों की टीम निर्धारित दो-तीन घंटे तक ही हिंडन पर रहती है। यदि उस दिन सरकारी दफ्तरों से पोस्टमार्टम कराने की औपचारिकताएं किसी कारण पूरी ना हो पाती हैं तो पोस्टमार्टम फिर अगले दिन होता है। इस लंबी व जटिल प्रक्रिया को आसान भी बनाया जा सकता है। ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने अपने कुछ सुझाव भी राज्यमंत्री को दिए हैं। ट्रस्ट का कहना है किजांच अधिकारी द्वारा जो दो रिपोर्ट, आरआई पुलिस लाईन कार्यालय व सीएमओ कार्यालय को केवल रजिस्टर में एंट्री कराने हेतू भेजी जाती है, इन दोनों विभागों का एक शिविर कार्यालय, हिंडन पोस्टमार्टम हाऊस के बाहर खोल दिया जाए। जिसमें रजिस्टर में एंट्री व आवश्यक विभागीय प्रक्रिया एक ही स्थान पर पूरी हो सकती है क्योंकि पूरे जनपद में जो भी घटना होती है पूरे जनपद से आए सभी शवों का पोस्टमार्टम हिंडन नदी पर होता है। इस तरह मोदीनगर, मुरादनगर, लोनी आदि बाहरी क्षेत्रों से आने वाले प्रकरणों में भी सबकुछ एक ही स्थान पर हो जाने से पीड़ित परिवार को राहत मिलेगी।

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