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मीनाक्षी ने एंबुलेंस में बेटे को जन्म दिया

  • ईएमटी और आशा कार्यकर्ता ने कराया सुरक्षित प्रसव
  • मां – बेटा सीएचसी गढ़मुक्तेश्वर में भर्ती कराए
    हापुड़।
    एंबुलेंस सेवा-102 जच्चा- बच्चा के लिए वरदात साबित हो रही है। ताजा मामला बृजघाट का है। बृजघाट निवासी सुरेंद्र की पत्नी मीनाक्षी को बुधवार देर रात प्रसव पीड़ा हुई। सुरेंद्र ने इस बात की जानकारी आशा कार्यकर्ता ममता को दी। ममता सूचना दिए जाने के बाद कुछ ही देर में मीनाक्षी के घर पहुंच गई। मीनाक्षी की हालतदेखकर उसका परिवार खुद को असहाय महसूस रहा था लेकिन ममता ने रात में ही पहुंचकर न केवल परिवार का ढांढस बंधाया बल्कि तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गढ़ मुक्तेश्वर पर कॉल कर गर्भवती का हाल बताते हुए एंबुलेंस भेजने के साथ ही अन्य व्यवस्थाएं तैयार रखने के लिए कहा।
    मीनाक्षी प्रसव पीड़ा से कराह रही थी, कुछ ही देर में एंबुलेंस पहुंच गई। चालक के साथ एंबुलेंस में इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) अजय कुमार भी मौजूद थे। एंबुलेंस मीनाक्षी को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गढ़ मुक्तेश्वर के लिए निकली थी, लेकिन रास्ते में प्रसव पीड़ा ज्यादा बढ़ गई। इस पर आशा कार्यकर्ता ममता और ईएमटी अजय ने एंबुलेंस को सड़क किनारे रुकवाकर सुरक्षित प्रसव कराया। मीनाक्षी ने बेटे को जन्म दिया। बाद में एंबुलेंस जच्चा- बच्चा को लेकर सीएचसी गढ़मुक्तेश्वर पहुंची, जहां मीनाक्षी को डा. दीपशिखा की देखरेख में भर्ती किया गया है। डा. दीपशिखा के मुताबिक जज्जा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
    एंबुलेंस में प्रशिक्षित स्टाफ रहता है: सीएमओ
    खासतौर पर गर्भवती को चिकित्सालय लाने ले जाने के लिए समर्पित एंबुलेंस सेवा-102 में तैनात प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी आपातकाल में सुरक्षित प्रसव कराने में सक्षम होते हैं। इसलिए गर्भवती को प्रसव के लिए चिकित्सालय ले जाने के लिए एंबुलेंस सेवा -102 का ही प्रयोग करें। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डा. सुनील कुमार त्यागी ने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सरकार संस्थागत प्रसव पर जोर दे रही है और इसके लिए जरूरी सेवाएं भी निशुल्क उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस के मौके पर हर माह की नौ तारीख को गर्भवती प्रसव पूर्व जांच (एंटी नेटल केयर) निशुल्क कराएं ताकि किसी तरह की समस्या होने पर समय रहते प्रबंधन किया जा सके।

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