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26 वर्षों से जरूरतमंदों के लिए साल में दो बार रक्तदान करते हैं मनोज गौर

  • रक्तदान के प्रति लोगों को कर रहे हैं जागरुक
    गाजियाबाद।
    लगातार 26 वर्षों से जरूरतमंद लोगों के लिए रक्तदान करने वाले मनोज गौर से युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए। रक्तदान के प्रति जागरुकता फैलाने के उद्देश्य से वे रक्तदान करने में कभी नहीं हिचकते हैं। गौर संस गु्रप के मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज गौर का कहना है कि आगे भी वे युवाओं को रक्तदान के लिए जागरूक करते रहेंगे। मनोज गौर ने बताया कि वे ब्लड बैंक भी खोलने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवा रक्तदान करने के लिए आगे आएं। रक्तदान करने से किसी प्रकार की शारीरिक परेशानी नहीं होती है। यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, कौशाम्बी, गाजियाबाद के प्रबंध निदेशक एवं वरिष्ठ समाजसेवी डा. पी एन अरोड़ा ने मनोज गौर को हॉस्पिटल में स्वैक्षिक रक्दान करने पर ह्रदय से आभार व्यक्त किया। मनोज गौर क्रेडाई वेस्टर्न यूपी के अध्यक्ष भी हैं। अपने युवा दिनों के दौरान उन्होंने एथलेटिक्स, क्रिकेट, हॉकी और टेबल टेनिस में अपने स्कूल का प्रतिनिधित्व किया। हालाँकि, टेबल टेनिस उनका पहला पसंदीदा खेल था जिसमें उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। रक्दान करने के बाद मनोज गौर ने बताया कि वह इसलिए रक्तदान करते हैं ताकि लोगों में रक्तदान को लेकर भावना जगे तथा रक्तदान करने के लिए और भी लोगों को प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को प्रत्येक 6 महीने में रक्तदान करना चाहिए। इससे जरूरतमंद लोगों की जान बचती भी है। साथ ही रक्तदाता को शारीरिक दृष्टिकोण से भी काफी फायदा होता है। उन्होंने यह भी कहा कि मरीज की प्राण रक्षा में रक्त दाता की एक मुख्य भूमिका होती है इसलिए वो जरुरतमंद व्यक्ति का जीवन बचाने के लिए रक्तदान करते हैं। यदि स्वैच्छिक रक्दाता नियमित रूप से रक्तदान करते रहें तो किसी भी मरीज की जान ब्लड की कमी से नहीं जा सकती। डा. पी एन अरोड़ा ने बताया कि दान दिये गये रक्त का इस्तेमाल गंभीर रुप से रक्त की कमी से जूझ रही महिला, बच्चे, दुर्घटना के दौरान अत्यधिक खून बह जाने के बाद पीड़ित को, सर्जिकल मरीज को, कैंसर पीड़ित को, थैलेस्सेमिया मरीज को, हिमोफिलीया से पीड़ित लोग, लाल खून की कोशिका की कमी, खून की गड़बड़ी, खून का थक्के की गड़बड़ी से जूझ रहे लोगों को दिया जाता है।

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