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लायंस क्लब और निजी चिकित्सकों ने 113 क्षय रोगियों को लिया गोद

–          टीबी मुक्त भारत के उद्देश्य में मील का पत्थर साबित होगा यह प्रयास : सीडीओ

–          जिला क्षय रोग केंद्र पर क्षय रोगियों को वितरित किया गया पोषाहार

गाजियाबाद। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह के निर्देशन में और मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) विक्रमादित्य सिंह मलिक की अ‌ध्यक्षता में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शनिवार को जिला क्षय रोग केन्द्र पर 113 क्षय रोगियों को गोद लिया गया। इस मौके पर सीडीओ ने कहा लायंस क्लब और निजी चिकित्सकों के साथ मिलकर किया गया यह प्रयास टीबी मुक्त भारत के उद्देश्य में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डा. भवतोष शंखधर ने बताया लायंस क्लब, गाजियाबाद द्वारा 50 और जनपद के निजी चिकित्सकों ने 63 क्षय रोगियों को भावनात्मक एवं सामाजिक सहयोग के लिए गोद लिया है। इन सभी को जिला एमएमजी चिकित्सालय स्थित जिला क्षय रोग केंद्र पर पुष्टाहार दिया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य विकास अधिकारी विक्रमादित्य सिंह मलिक ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. भवतोष शंखधर एवं स्वास्थय विभाग के अधिकारी- कर्मचारियों के साथ ही इस सराहनीय प्रयास के लिए लायंस क्लब और निजी चिकित्सकों की प्रशंसा की।क्षय रोगियों को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने कहा वह लोग पूरे मनोयोग से अपना उपचार कराएं। बीच में दवा छोड़ने की भूल कतई न करें। उन्होंने इस मौके पर क्षय रोगियों को गोद लेकर उन्हें भावनात्मक एवं सामाजिक सहयोग दे रहे सभी गैर सरकारी संगठनों, एसोसिएशन, रेडक्रॉस सोसायटी, लायंस क्लब और आईएमए के चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया। आईएमए गाजियाबाद के पूर्व अध्यक्ष पल्मोनॉलॉजिस्ट डॉ. आशीष अग्रवाल द्वारा 32, डा. सौरभ गुप्ता द्वारा 10, डा. नरेन्द्र सिंह द्वारा सात, डा. मधु पोद्दार द्वारा छह, तेज नर्सिंग होम द्वारा छह तथा डा. सुनील गुप्ता द्वारा दो क्षय रोगियों को गोद लिया गया है।कार्यक्रम के अंत में जिला क्षय रोग अधिकारी डा. डीएम सक्सेना ने क्षय रोग उन्मूलन में सहयोग के लिए सभी को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर लायंस क्लब के प्रेसिडेन्ट संदीप गोयल, चेयरमैन योगेश कंसल अपनी टीम के साथ उपस्थित रहे उन्होंने सीडीओ और सीएमओ को आश्वस्त किया कि उपचार जारी रहने तक वह सभी क्षय रोगियों के संपर्क में रहेंगे और इस बात का भी ध्यान रखेंगे कि एक रोगी भी की दवा बीच में न छूटने पाए।

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