राज्यस्लाइडर

उत्तर प्रदेश में बढ़ाया गया मनरेगा कर्मियों का मानदेय

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य के पंचायतीराज एवं ग्राम्य विकास विभाग द्वारा कोरोना कालखंड में ऐसे अनेक कदम उठाए गए, जो देश व दुनिया के लिए मिसाल बने हैं। इन कार्यों से ग्रामीण क्षेत्र के निवासियों का जीवन एवं जीविका बचाने में काफी सहायता मिली। कोरोना काल में प्रदेश में वापस आने वाले कामगारों एवं श्रमिकों को मनरेगा में समायोजित करते हुए रोजगार उपलब्ध कराया गया। ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से 52 लाख महिलाओं को आर्थिक स्वावलम्बन से जोड़ा गया। 58 हजार ग्राम पंचायतों में बैंकिंग कॉरेस्पॉण्डेंट सखी की व्यवस्था लागू कर ग्रामीण क्षेत्र में बैंकिंग सेवा सुलभ कराने के साथ ही, महिला सशक्तीकरण की प्रदेश सरकार की मंशा को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया गया। ग्रामीण स्तर पर ग्राम सचिवालय बनाकर समाज के अंतिम पायदान के व्यक्ति को शासन की योजनाओं से लाभान्वित कराने की सराहनीय पहल की गयी है।
मुख्यमंत्री महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। इससे पूर्व, उन्होंने मनरेगा योजना पर केन्द्रित एक प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। उन्होंने कहा कि मनरेगा कर्मियों ने अपने परिश्रम और पुरुषार्थ से ग्रामीण विकास को नयी ऊंचाइयों की ओर अग्रसर करने में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने मनरेगा कर्मियों के मानदेय में वृद्धि की घोषणा करते हुए कहा कि इसी प्रकार कर्मियों द्वारा मेहनत से कार्य करने पर शासन स्वत: लाभान्वित करने पर विचार करता है। मनरेगा कर्मी मन लगाकर कार्य करते रहेंगे तो उनके मानदेय में वृद्धि होती रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ग्राम रोजगार सेवकों की संख्या 35,246 है। वर्तमान में इन्हें 6,780 रुपए मानदेय प्राप्त हो रहा है। इसे बढ़ाकर 10,000 रुपए करने का निर्णय लिया गया है। तकनीकी सहायकों की संख्या 4,122 है। वर्तमान में इनका मानदेय 12,656 रुपये है, जिसे बढ़ाकर 15,656 रुपये किया जा रहा है। 574 कम्प्यूटर आॅपरेटरों का मानदेय 12,656 रुपये से बढ़ाकर 15,156 रुपये, 567 अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारियों का मानदेय बढ़ाया गया है। 441 लेखा सहायकों का मानदेय 12,656 रुपये से बढ़ाकर 15,156 रुपये, 2 आॅपरेशन सहायकों का मानदेय 15,820 रुपये से बढ़ाकर 18,320 रुपये, 13 हेल्पलाइन एक्जीक्यूटिव्स का मानदेय 15,820 रुपये से बढ़ाकर 18,320 व 7 चतुर्थ श्रेणी कर्मियों का मानदेय 7,910 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये, 564 ब्लॉक सोशल आॅडिट को-आॅर्डिनेटर्स का मानदेय 11,600 रुपये से बढ़ाकर 14,100 रुपये तथा 46 डिस्ट्रिक्ट सोशल आॅडिट को-आॅर्डिनेटर्स का मानदेय 17,400 रुपये से बढ़ाकर 19,900 रुपये किए जाने का निर्णय लिया गया है। मनरेगा कर्मियों का बढ़ा हुआ मानदेय माह अक्टूबर, 2021 से लागू होगा।
ग्राम्य विकास मंत्री राजेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश तेजी से प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। ग्राम्य विकास परिवार राज्य की समृद्धि एवं खुशहाली में सहयोग के लिए निरन्तर तत्पर है।
ग्राम्य विकास राज्य मंत्री आनन्द स्वरूप शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री ने समय-समय पर मनरेगा कर्मियों के हित में निर्णय लिए हैं। उन्होंने रोजगार सेवकों का काफी समय से लम्बित बकाया मानदेय का भुगतान एक दिन में कराया। कार्यक्रम के अंत में अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार सिंह ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी, आयुक्त ग्राम्य विकास अवधेश कुमार तिवारी आदि मौजूद रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button