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बाल स्वास्थ्य पोषण माह शुरू, सीएमओ ने किया शुभारंभ

  • 26 जनवरी तक हर बुधवार और शनिवार को दी जाएगी विटामिन-ए की खुराक
  • नौ माह से पांच वर्ष तक के सभी बच्चे होंगे विटामिन-ए से आच्छादित
    गाजियाबाद।
    बाल स्वास्थ्य पोषण माह के अंतर्गत विटामिन- ए सम्पूर्ण कार्यक्रम बुधवार से शुरू हो गया। यह कार्यक्रम 26 जनवरी तक चलेगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डा. भवतोष शंखधर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) डासना और पंचायत घर इंद्रगढ़ी से किया। इस मौके पर सीएचसी डासना के चिकित्सा अधीक्षक डा. भारत भूषण, एएनएम सीमा रानी, गौरव कौशिक, यूनिसेफ से बीएमसी शहजाद आदि मौजूद रहे। इसके बाद सीएमओ डा. भवतोष शंखधर और डा. भारत भूषण मसूरी पहुंचे जहां पर एएनएम दीपमाला को अधिक से अधिक बच्चों को विटामिन- एक आच्छादित करने के लिए प्रेरित किया गया। सीएमओ ने कार्यक्रम के दौरान जनपद वासियों से अपील की कि नौ माह से पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को विटामिन-ए की खुराक जरूर पिलाएं। यह खुराक जनपद के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, एएनएम उप-केंद्रों पर हर बुधवार और शनिवार को आयोजित होने वाले ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (वीएचएनडी) व शहरी स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (यूएचएनडी) पर पिलाई जाएगी। इस मौके पर सीएचसी प्रभारी डा. भारत भूषण ने बताया कि विटामिन-ए की खुराक एक वर्ष में दो बार पिलाई जाती है। बच्चों के शारीरिक विकास के लिए यह जरूरी है। सीएमओ डा. भवतोष शंखधर ने बताया कि बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाने से कुपोषण दूर होगा और उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढेगी। यह खुराक कोरोना के नए वेरिएंट समेत तमाम बीमारियों से बचाव में मदद करेगी। आंखों की रोशनी के लिए भी विटामिन-ए बहुत जरूरी है और शरीर में विटामिन-ए की कमी से रतौंधी नामक रोग होने का खतरा उत्पन्न हो जाता है। इस रोग से रात में देखने की क्षमता नहीं रहती। शरीर में विटामिन-ए की कमी होने पर आंखों में जलन, आंख के सफेद हिस्से में धब्बे और कार्निया सूखने की समस्या हो सकती है। भोजन से आयरन का अवशोषण करने के लिए भी विटामिन-ए की जरूरत होती है। नियमित टीकाकरण सत्रों के दौरान बच्चों को उनकी आयु के हिसाब से खुराक दी जानी है। इस दौरान अन्य जीवन रक्षक टीकों के अलावा नौ जनवरी से खसरा से बचाव का टीका भी लगाया जाएगा।
    सीएमओ ने बताया कि इस कार्यक्रम के लिए माइक्रो प्लान तैयार किया गया है और उसी के मुताबिक 26 जनवरी तक वीएचएनडी व यूएचएनडी सत्रों के माध्यम से नौ माह से पांच वर्ष तक के बच्चों को नियमानुसार विटामिन ए से आच्छादित किया जाएगा। नौ माह से 12 माह तक के बच्चों को नियमित टीकाकरण सत्र के दौरान एमआर के प्रथम टीके के साथ आधा चम्मच (एक एमएल), 16 से 24 महीने के बच्चों को एमआर के दूसरे टीके के साथ एक पूरा चम्मच (दो एमएल), दो वर्ष से पांच वर्ष तक के बच्चों को छह-छह माह के अंतराल पर विटामिन ए सम्पूरण कार्यक्रम के दौरान पूरा चम्मच (दो एमएल) खुराक दी जाएगी।

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