
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा कर 26 लोगों की नृशंस हत्या कर दी। सेना की वर्दी में आए दहशतगर्दों ने पहलगाम की बायसरन घाटी में पर्यटकों से पहले उनका धर्म पूछा, परिचय पत्र देखे और फिर हिंदू हो कहकर गोली मार दी। 26 मृतकों में ज्यादातर पर्यटक हैं, जबकि दो विदेशी और दो स्थानीय नागरिक शामिल हैं। तीन जुलाई से शुरू होने जा रही श्रीअमरनाथ यात्रा से पहले इस कायराना हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा से जुड़े गुट द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है। फरवरी, 2019 में पुलवामा में हुए हमले के बाद से जम्मू-कश्मीर में यह सबसे बड़ा आतंकी हमला है। उस हमले में सीआरपीएफ के 47 जवान मारे गए थे। जिस समय यह घटना हुई उस समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश से बाहर यानी यूएई की यात्रा पर थे, वे तुरंत यात्रा को बीच में ही रोककर वापस भारत आ गए। ग़ृहमंत्री अमित शाह कल ही जम्मू पहुंच गए थे और घटना वाले एरिया में भी गए। पल-पल की जानकारी और दहशतगर्दों को ढूंढ निकालने के लिए सेना की टुकड़ियां गश्त कर रही हैं। उधर, बुधवार की शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक की अध्यक्षता की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर और अन्य अधिकारी मौजूद हैं। यह बैठक पहलगाम को लेकर ही की गई है।



