
- निरुद्ध बंदियों से की गई बातचीत व उनकी समस्यों को सुना
- समस्याओं के निस्तारण के लिए डिप्टी जेलर को दिए आवश्यक निर्देश
- जिला कारागार में स्थित जेल लीगल क्लीनिक पर विशेष रूप से ध्यान देने के निर्देश
गाजियाबाद। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गाजियाबाद की सचिव नेहा रूंगटा ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देश व राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गाजियाबाद जितेन्द्र कुमार सिन्हा के संरक्षण एवं अनुमति से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला कारागार का वर्चुअल निरीक्षण एवं विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डिप्टी जेलर शिवानी यादव द्वारा बताया गया कि वर्तमान में कुल 4286 बन्दी निरूद्ध है जिसमें 3975 पुरुष तथा महिलाएं 164 व किशोर (18 से 21 बर्ष) 147 व 09 बच्चे हैं। निरीक्षण के दौरान जेलर द्वारा अवगत कराया गया की 16 अगस्त तक 100 प्रतिशत बन्दियों को वैक्सीन लग चुकी है जिनमें 5577 प्रथम डोज तथा 845 दूसरी डोज लग चुकी है। वैक्सीन का कार्यक्रम भी चल रहा है। सचिव द्वारा प्रतिदिन सेनेटाईजेशन के लिए निर्देशित किया गया। हाई पॉवर कमेटी के तहत अभी तक 773 एवं पैरोल पर 47 बंदियों को रिहा किया जा चुका है। सचिव द्वारा पुरूष विक्रान्त, मिथुन, सफीक से बातचीत की गई व उनकी समस्यों को सुना गया तथा उनके निस्तारण हेतु डिप्टी जेलर को आवश्यक निर्देश दिये गये। जिला कारागार में तैनात लीगल एड के सदस्यों से वार्तालाप की गई। लीगल एड के तहत करीब 194 बन्दियों को विधिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। इस अवसर पर डिप्टी जेलर को निर्देशित किया गया कि वे जिला कारागार में स्थित जेल लीगल क्लिनिक पर विशेष रूप से ध्यान दे ताकि जेल में निरुद्ध बंदियों को समय से व समुचित विधिक सहायता प्राप्त हो सके।



