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विधान मंडल लोकतंत्र का मंदिर, जनता को आपसे बहुत उम्मीदें और अपेक्षाएं: राष्ट्रपति

  • राष्ट्रपति ने आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष 2022 में उ.प्र. विधान मण्डल की समवेत बैठक को किया सम्बोधित किया
  • आपकी जनसेवा के दायरे में सभी नागरिक शामिल हैं
  • चाहे उन्होंने आपको वोट दिया हो या न दिया हो
  • हर व्यक्ति के हित में कार्य करना आपकी जिम्मेदारी
  • उ.प्र. द्वारा आर्थिक प्रगति के नए कीर्तिमान स्थापित किए जाएंगे
    लखनऊ।
    भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने यहां विधान सभा में आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष 2022 में उत्तर प्रदेश विधान मंडल की समवेत बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि विश्व के सबसे विशाल लोकतंत्र के सबसे बड़े राज्य के विधान मंडल के सदस्यों को, इस महत्वपूर्ण सत्र में सम्बोधित करते हुए उन्हें विशेष प्रसन्नता हो रही है।
    राष्ट्रपति ने कहा कि विधान मंडल लोकतंत्र का मंदिर होता है। जनता, आप सबको अपना भाग्य विधाता मानती है। प्रदेश की जनता को आप सबसे बहुत सी उम्मीदें और अपेक्षाएं हैं। उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही आपका सबसे महत्वपूर्ण कर्तव्य है। आपकी जन-सेवा के दायरे में सभी नागरिक शामिल हैं, चाहे उन्होंने आपको वोट दिया हो या न दिया हो। इसलिए, हर व्यक्ति के हित में कार्य करना आपकी जिम्मेदारी है।
    राष्ट्रपति ने कहा कि यूरोप के तीन महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक देशों-जर्मनी, फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम को मिलाकर जितनी कुल आबादी है, उतनी अकेले उत्तर प्रदेश की है। उत्तर प्रदेश की सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक व भौगोलिक विविधता यहां के लोकतंत्र को और भी समृद्ध और मजबूत बनाती है। उत्तर प्रदेश की 20 करोड़ से अधिक की आबादी, अनेकता में एकता की हमारी सांस्कृतिक विशेषता का बहुत अच्छा उदाहरण हमारे सामने प्रस्तुत करती है। इस महत्वपूर्ण राज्य में विधान मंडल के सदस्यों का जन-प्रतिनिधि के रूप में निर्वाचित होना विशेष महत्व की बात है।
    राष्ट्रपति ने कहा कि उत्तर प्रदेश की प्रत्येक यात्रा, अपनी जन्म-स्थली व आरम्भिक जीवन की कर्म-स्थली से जुड़ने और अपने प्रियजनों से मिलने का अवसर भी प्रदान करती रही है। उनकी इस यात्रा के दौरान, तीन जून को, प्रधानमंत्री ने उनके गांव परौंख का भ्रमण किया, वहां पर बाबा साहब डा. आंबेडकर की प्रतिमा को पुष्पांजलि अर्पित की तथा उनके गांव में उपस्थित लोगों को सम्बोधित भी किया। वह कार्यक्रम उनके गांव के इतिहास की अविस्मरणीय घटनाओं के रूप में लोगों की स्मृति में सदैव विद्यमान रहेगा। चार जून को कानपुर में उत्तर प्रदेश के मर्चेन्ट्स चैम्बर को संबोधित करते समय उन्होंने इस राज्य के उद्यमियों में एक नए उत्साह का अनुभव किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लक्ष्य अवश्य सिद्ध होगा।
    राष्ट्रपति ने कहा कि खाद्यान्न उत्पादन में उत्तर प्रदेश का भारत में पहला स्थान है। इसी प्रकार आम, आलू, गन्ना व दूध के उत्पादन में भी उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। हाल के वर्षों में राज्य में सड़कों के निर्माण में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। रेल तथा एयर कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश के प्रतिभाशाली युवा अन्य राज्यों में तथा विदेशों में आर्थिक प्रगति के प्रतिमान स्थापित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजनैतिक व प्रशासनिक स्थिरता की संस्कृति का निर्माण करते हुए यह विश्वास जगाया है कि निकट भविष्य में ही उत्तर प्रदेश द्वारा आर्थिक प्रगति के नए कीर्तिमान स्थापित किए जाएंगे। पर्यटन, फूड प्रोसेसिंग, इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलॉजी तथा अर्बन डेवलपमेंट की अपार सम्भावनाएं उत्तर प्रदेश में उपलब्ध हैं।
    राष्ट्रपति ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जैसी उपजाऊ भूमि तथा कृषि के लिए सहायक प्राकृतिक स्थितियां हैं वे पूरे विश्व में तथा भारत के अन्य प्रदेशों में कहीं पर भी नहीं है। अत: कृषि के क्षेत्र में उत्पादन के साथ-साथ उत्पादकता पर तथा कृषि आधारित उद्यमों पर और अधिक ध्यान देकर राज्य की आर्थिक स्थिति में बहुत बड़े बदलाव किए जा सकते हैं। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि वर्तमान में, केन्द्र एवं राज्य की सरकारें मिलकर इस दिशा में निरंतर प्रयत्नशील हैं।
    राष्ट्रपति जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की इस यात्रा के दौरान गोरखपुर में गीताप्रेस के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम में भाग लेने तथा श्री गोरखनाथ मंदिर में दर्शन करने की स्मृतियां, उनके मानस पटल पर सदैव अंकित रहेंगी। कल उन्हें जनपद संत कबीर नगर में मगहर स्थित कबीर चौरा धाम जाने का सौभाग्य भी मिला। वहां जाना उनके लिए तीर्थ यात्रा जैसा महत्व रखता है। संत कबीर अकादमी में भविष्य में होने वाले अध्ययन व शोध कार्य उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक, सामाजिक व शैक्षिक विरासत को और मजबूत बनाएंगे।
    राष्ट्रपति ने कहा कि वाराणसी में बाबा विश्वनाथ के मंदिर में उनका दर्शन करके तथा वहां के नवनिर्मित गलियारे और परिसर के सौन्दर्य तथा भव्यता को देखकर उन्हें बहुत प्रसन्नता हुई है। अब उस परिसर में जाने पर यह अहसास होता है कि महात्मा गांधी ने सन1916 में काशी विश्वनाथ मंदिर की अपनी यात्रा के सन्दर्भ में, वहां की संकरी व गंदी गलियों तथा अव्यवस्था के विषय में, जो असंतोष व्यक्त किया था, उसे प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री ने दूर कर दिया है।
    राष्ट्रपति का संबोधन गौरव का विषय: आनंदीबेन पटेल
    राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव देश के स्वावलम्बन का प्रतीक है। भारत की विकास यात्रा के अवलोकन का अवसर है। यह महोत्सव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 12 मार्च, 2021 को साबरमती आश्रम से आरम्भ हुआ, जो 15 अगस्त, 2023 तक 75 सप्ताह तक अनवरत जारी रहेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों एवं कार्यक्रमों के माध्यम से सम्पूर्ण राज्य में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। इस कड़ी में उत्तर प्रदेश विधान मण्डल के सदस्यों को राष्ट्रपति का सम्बोधन गौरव का विषय है।राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रपति के संसदीय एवं विधायी अनुभवों तथा व्यापक लोकतांत्रिक दृष्टिकोण का लाभ माननीय सदस्यों को प्राप्त होगा। आजादी का अमृत महोत्सव हमारी राष्ट्रीय यात्रा का एक उत्सव है। अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा दी गयी आजादी की विरासत को संजोने का उत्सव है। यह उत्सव नये भारत के निर्माण और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को स्मरण करने का अवसर है।राज्यपाल ने कहा कि यह हमारा गम्भीर दायित्व है कि हम स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और उनके आदर्शों को आत्मसात करें और प्रेरणा लें। स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान का ही प्रतिफल है कि आज हम आजाद भारत की सबसे बड़ी विधायिका में जनता का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
    वीर सपूतों को याद करने का अवसर है: कुंवर मानवेन्द्र सिंह
    विधान परिषद के सभापति कुँवर मानवेन्द्र सिंह ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव, देश पर अपना सर्वस्व न्यौछावर कर देने वाले वीर सपूतों को याद करने का अवसर है। विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि इस विधान मण्डल में प्रदेश के भिन्न-भिन्न क्षेत्रों, जाति, धर्म तथा समुदाय से निर्वाचित सदस्यों का समावेश, भारत की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं लोकतांत्रिक समरसता का पर्याय है।
    विधानसभा में 126 सदस्य पहली बार चुनकर आए: सतीश महाना
    विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि इस ऐतिहासिक विधान सभा में 126 सदस्य प्रथम बार निर्वाचित हुए हैं। इसके साथ ही, दूसरी बार से लेकर दसवीं बार तक निर्वाचित होने वाले सदस्यों में कुछ सदस्य लगातार निर्वाचित हुए हैं। इस विधान सभा में 18 सदस्य चिकित्सक, 15 सदस्य इंजीनियर, 8 सदस्य प्रबन्धन से जुड़े हुए हैं। कई सदस्यों ने एग्रीकल्चर के क्षेत्र में पीएचडी की है। बहुत सारे ऐसे सदस्य हैं, जो केवल समाज के लिए समर्पित होकर कार्य कर रहे हैं।
    यह भारत के लोकतंत्र की ताकत है: योगी
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द का उत्तर प्रदेश की जनता एवं राज्य विधान मण्डल के सदस्यगणों की ओर से अभिनन्दन किया। उन्होंने आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष के अवसर पर विधान मण्डल की समवेत बैठक को सम्बोधित करने के आमंत्रण को सहर्ष स्वीकार करने के लिए राष्ट्रपति के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य का विषय है कि इस ऐतिहासिक अवसर पर हमें राष्ट्रपति का सम्बोधन एवं मार्गदर्शन प्राप्त होगा। राष्ट्रपति की गरिमामयी उपस्थिति हम सभी के लिए प्रेरणादायी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेशवासियों के लिए यह गौरव का विषय है कि प्रदेश के जनपद कानपुर देहात के परौंख गाँव जैसे एक सामान्य गांव के एक साधारण परिवार में जन्में राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द भारत के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर देश की गरिमा में वृद्धि कर रहे हैं। यह भारत के लोकतंत्र की ताकत है।
    राष्ट्रपति से युवाओं को प्रेरणा मिलेगी: अखिलेश यादव
    विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने संसदीय लोकतंत्र की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। समाज के सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देते हुए इससे बेहतर कोई व्यवस्था नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि हम सबके लिए यह गौरव की बात है कि राष्ट्रपति उत्तर प्रदेश के हैं। हमारे प्रदेश के युवाओं को उनसे प्रेरणा मिलेगी।

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