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प्रसिद्ध ईएनटी विशेषज्ञ डा. बीपी त्यागी ने बधिरता का प्लाज्मा इंजेक्शन से इलाज करने का किया दावा

  • दुनिया में अभी तक डा. बीपी त्यागी के अलावा किसी ने नहीं किया इस पद्धति से इलाज
  • दुबई में हुई इंटरनेशनल कान्फ्रेंस में डा. बीपी त्यागी के प्रयोग की हुई सराहना
    गाजियाबाद।
    जाने माने ईएनटी विशेषज्ञ डाक्टर बीपी त्यागी के नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है। डा. बीपी त्यागी बधिरता को दूर करने की दिशा में काफी आगे बढ़ गए हैं। बधिरता चाहे जन्मजात हो या फिर किसी दुर्घटना के बाद सुनने की शक्ति क्षीण हुई हो, उसे ठीक करने के लिए उन्होंने नई पद्धति को खोजा है। मरीज के प्लाज्मा से ही इंजेक्शन द्वारा बधिरता को दूर करने वाले वे दुनिया के पहले डाक्टर बन गए हैं। ऐसा दावा उन्होंने गुरुवार को आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में किया है। उन्होंने बताया कि वे काफी समय से इस शोध पर कार्य कर रहे थे। काफी परिश्रम के बाद उन्हें यह सफलता हासिल हुई है। गत 18 जनवरी 2023 को दुबई में एक इंटरनेशनल कांफ्रेंस में इंजेक्शन पीआरपी को बधिरता के नेचुरल इलाज के लिये सबसे अछा इलाज बताया गया । डा. त्यागी ने 18 जनवरी 2023 को दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में 6000 इंटरनेशनल ई.एन.टी डॉक्टर्स को इंजेक्शन पीआरपी व रिजरेनेटिव थेरेपी के बारे में जानकारी दी व उनके सारे सवालों का जवाब दिया। पीआरपी व रिजेनरेटिव थेरेपी से प्रोफेसर बीपी त्यागी एक हजार से ज्यादा मरीजों का इलाज कर चुके हंै। डाक्टर बीपी त्यागी के नाम कई वर्ल्ड रिकार्ड भी हैं। फर्स्ट वर्ल्ड रिकार्ड अप्रैल 2016 में उनके नाम दर्ज हुआ था जब उन्होंने बिना चीरे कान का पर्दा बनाया था। उनका नाम लिम्का बुक में भी दर्ज हुआ था। दूसरा वर्ल्ड रिकार्ड उनके नाम अप्रैल 2017 में दर्ज हुआ था जब उन्होंने गाजियाबाद की डासना जेल में अपना आपरेशन थियेटर बनाकर दो बार कैदियों का आपरेशन किया था। तीसरा वर्ल्ड रिकार्ड उनके नाम अप्रैल 2019 में दर्ज हुआ जब उन्होंने लगातार दस दिनों तक 100 कानों के फ्री पर्दे बनाए थे, उनका नाम वर्ल्ड बुक रिकार्ड्स में दर्ज हुआ था। चौथा रिकार्ड उनके नाम तब दर्ज हुआ था जब उन्होंने येलो फंगस का पोस्ट कोविड मरीज खोजा था। पांचवां वर्ल्ड रिकार्ड 18 जनवरी 2023 को इंजेक्शन पीआरपी व रिजरेनेटिव ब्रांच का आईएफओएस में बतौर फैकल्टी के तौर पर पेपर पढ़ा और इंटरनेशनल स्तर पर अपनी जगह फर्स्ट रिजेरनेटिव डीफनेस एक्सपर्ट के रूप में बनाई थी। डा.बीपी त्यागी ने बताया कि इस पद्धति से इलाज कराना भी सस्ता है। आठ से दस बार इंजेक्शन देने के बाद मरीज सुन सकता है। उन्होंने बताया कि वे गरीबों का फ्री इलाज करते हैं और करते रहेंगे। सेना के जवानों से वे कोई फीस नहीं लेते हैं। उन्होंने बताया कि देश के कई राज्यों के मरीजों को वे इस पद्धति से ठीक कर चुके हैं। उन्होंने जिन मरीजों को ठीक किया उसकी एक लघु फिल्म को भी प्रदर्शित किया और मीडियाकर्मियों के सवालों के जवाब दिए। डाक्टर बीपी त्यागी ने बताया कि अपने शोध के कार्य को आगे भी जारी रखेंगे और देश से बधिरता को दूर करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। इस मौके पर डा. ममता, डा. नियति, डा. मणिका, डा. प्रज्ञा, डा. अर्जुन, डा. माधव, सेखर, मिन्नी सैफी, अमित, दीपांकर, वैभव, सचिन, ललित, विदित, व हर्ष हॉस्पिटल का स्टाफ मौजूद रहा।

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