
गाजियाबाद। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में जो नाटक खेला गया उससे साफ जाहिर हो गया है सत्तारुढ़ भाजपा कुछ भी कर गुजरने से परहेज नहीं करती है। सपा-रालोद की संयुक्त प्रत्याशी जिला पंचायत सदस्य नाजमा बैगम के प्रस्तावक को एक होटल में कैद करने का आरोप लगाते हुए सपा कार्यकर्ताओं ने जबरदस्त प्रदर्शन किया लेकिन पुलिस-प्रशासन ने उनकी एक न सुनी। नामांकन दाखिल करने का समय निकल गया और भाजपा उम्मीदवार निविरोध जीत गर्इं। इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सपा नेता आस मोहम्मद अल्वी ने कहा कि भाजपा सरकार लोकतंत्र की हत्या करने पर तुली हुई है। जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव सत्ता के बल पर जीता गया है। जबकि जनता ने जनादेश भाजपा के विरोध में दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी की प्रत्याशी के प्रस्तावक को बंधक बनाकर रखा गया। प्रत्याशी को नामांकन ही दाखिल नहीं करने दिया गया। कार्यकर्ता पुलिस-प्रशासन से गुहार लगाते रहे लेकिन पुलिस-प्रशासन ने उनकी एक न सुनी। उन्होंने कहा कि सत्ता के बल पर जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव तो भाजपा ने जीत लिया लेकिन 2022 के चुनाव में जनता इसका जवाब जरूर भाजपा को देगी। उन्होंने कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश में भाजपा की जनविरोध नीतियों के चलते लोगों में आक्रोश है। जनता फिर से अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनना देखना चाहती है। उन्होंने कहा कि 2022 में सपा की सरकार बननी जा रही है। भाजपा सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। बता दें कि आस मोहम्मद अल्वी ने हाल ही में सपा का दामन थामा है। इससे पहले वे बसपा के महानगर अध्यक्ष व मंडल कॉर्डिनेटर रह चुके हैं।



