भाजपा बढ़ी हिन्दू राष्ट्र की ओर !

कमल सेखरी
तमाम विपक्षी नेता मिलकर भले ही भाजपा पर वोट चोरी के आरोप लगाते रहें, एसआईआर में अनगिनत खामियां गिनाते रहें, बेरोजगारी, निरंतर बढ़ती महंगाई, लगातार गिरती रुपए की कीमत और सत्ता दल में व्यापकता से फैल रहे भ्रष्टाचार के आरोप भी रह रहकर लगाते रहें तो भी इन सब कोशिशों का केन्द्र की सरकार और कई राज्यों में चल रही डबल इंजन की सरकारों पर लेशमात्र भी फर्क नहीं पड़ रहा है। हमारे देश की राजनीति जो इन सब आरोपों से अलग हटकर अभी तक मंदिर-मस्जिद और हिन्दू-मुसलमान के मुद्दों को लेकर ही लगातार आगे बढ़ रही थी अब वो सांप्रदायिकता की इस सोच को लेकर चार कदम और आगे निकल आई है। अब केन्द्र की सरकार और एनडीए की राज्य सरकारों ने यकायक एक नई दिशा पकड़ ली है जो संकेत दे रही है देश का सत्ता बल अब भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने की दिशा में न केवल विचार कर रहा है बल्कि इस ओर उसने अपने प्रयास भी पुरजोरता से आरंभ कर दिये हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अभी हाल ही में गुजरात के सोमनाथ मंदिर के हजार साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में दो टूक शब्दों में कहा कि हमें अपने हिन्दुत्व की पुरानी सभ्यता और पहचान को फिर से जीवित करना है चाहे उसके लिए हमें कोई भी बलिदान देना पड़े, उन्होंने सभी हिन्दुओं को एकजुट होकर उन ताकतों का मुकाबला करने का आह्वान किया जो देश को बांटना चाहती हैं। इसी तरह देश के एनएसए चीफ अजीत डोभाल ने नवयुवकों के एक सम्मेलन में बोलते हुए कहा कि भारत के हिन्दुत्व की सभ्यता पर और मंदिरों पर कई बार हमले हुए हैं हमें इन बातों से नई पीढ़ी को अवगत कराना चाहिए और उन हमलावरों से बदला लेने का मन बनाना चाहिए। इसी तरह आरएसएस के मुखिया मोहन भागवत ने भी अभी हाल ही के एक बयान में कहा है कि सनातन हिन्दुत्व की पहचान है और हमें सनातन को जीवित रखने के लिए अपना सबकुछ न्यौछावर कर देना चाहिए। पश्चिमी बंगाल जहां अभी दो माह बाद विधानसभा चुनाव होने हैं वहां विधानसभा में विपक्ष के नेता भाजपा के शुभेन्दु अधिकारी ने एक सार्वजनिक बयान में कहा है कि भारत की सरकार केवल सौ करोड़ हिन्दुओं की सरकार है बाकी चालीस करोड़ से इसका कोई लेना देना नहीं है। इस बयान के बड़े गंभीर मतलब निकलते हैं। इसी तर्ज पर मुंबई के निगम जैसे छोटे चुनावों में भी वहां की सरकार के मंत्री नितेश राणे ने पिछले कुछ दिनों में बड़े आपत्तिजनक और हिंसा प्रेरित करने वाले बयान दिये हैं। श्री राणे ने एक बयान में यह तक कहा है कि हिन्दुस्तान अब हिन्दू राष्ट्र बन गया है। महाराष्ट्र मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री हिन्दुत्व सोच के नेता हैं ऐसे में अगर मुस्लिम कोई गलत कदम उठाएंगे तो हम मस्जिदों में अंदर जाकर उन्हें मारेंगे-पीटेंगे। इस तरह के बयान सत्ताधारी दल के कई केन्द्रीय मंत्री और विभिन्न राज्यों के कई मंत्री बड़े खुलकर दे रहे हैं जो निसंदेह देश की फिजा खराब कर रहे हैं और ऐसी स्थिति बना रहे हैं कि देश में कभी भी उग्र हिंसा भड़क जाए। कट्टरपंथी सोच रखकर जो भी देश अपना सियासी आधार बनाकर आगे चले हैं उनका हश्र बुरा ही हुआ है जिसका मौजूदा उदाहरण बांग्लादेश, पाकिस्तान और ईरान हैं। हमें ऐसी सांप्रदायिक सोच से किनारा करके धर्मनिरपेक्षता की राह पर सभी धर्मों को साथ लेकर आगे चलना चाहिए उसी में देश की प्रगति है और उसी रास्ते चलकर देश विश्व गुरु बनने का अपना सपना पूरा कर सकता है।


