पीएमएवाई योजना में 312 लोगों का घर का सपना हुआ पूरा

- जीडीए ने निकाला मकानों का ड्रॉ, मकान पाकर खुशी से झूम उठे आवंटी
- डासना में अराध्यम बिल्डर्स ने प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत किया मकानों का निर्माण


गाजियाबाद। हर व्यक्ति के घर का सपना पूरा करने के उदद्ेश्य से चलाई जा रही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बुधवार को गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने हिन्दी भवन में ईडब्ल्यूएस भवनों का ड्रॉ किया। ग्राम डासना में बनाए जा रहे भवनों के ड्रा में जीडीए के अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह, वित्त नियंत्रक अशोक कुमार वाजपेयी व पीएमएवाई सेल से संबंधित अधिकारी व जीडीए पुलिस कर्मी मौजूद रहे।
अपर सचिव प्रदीप कुमार के निर्देशन में किए गए लकी ड्रॉ में उक्त योजना में आवेदन करने वाले आवेदक पहुंचे थे। जैसे ही ड्रॉ का क्रम शुरू हुआ तो लोगों की धड़कनें बढ़ने लगीं। एक के बाद एक जब भवन निकलने लगे तो आवंटी खुशी से झूम उठे। मकान का सपना पूरा होने पर कई आवंटियों के खुशी के मारे आंखों से आंसू छलक आए। बता दें कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा अपनी व निजी विकासकर्ताओं की विभिन्न आवासीय योजनाओं में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दुर्बल वर्ग के लोगों को भी एक अदद मकान उपलब्ध करा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दुर्बल आय वर्ग के लोगों को अनुदान राशि भी दी जाती है। प्रधानमंत्री आवास योजना में मकान पाकर लोग बेहद खुश है। उक्त योजना के तहत बुधवार को 312 मकानों का ड्रॉ संपन्न हुआ।
बता दें कि एक सप्ताह पहले जीडीए सचिव द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बनाये जा रहे ई0डब्ल्यू0एस भवनों के आवंटन/कब्जा दिये जाने के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। उक्त बैठक में प्रभारी पी०एम०ए०वाई० सेल द्वारा अवगत कराया गया था कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अन्तर्गत प्राधिकरण की 05 योजनाओं मधुबन बापूधाम, डासना, प्रताप विहार, नूरनगर (राजनगर एक्सटेंशन), निवाड़ी (मोदीनगर) में निर्मित कराये जा रहे 3496 ईडब्ल्यूएस भवनों के सापेक्ष 2239 भवनों के आवंटन उपरान्त लगभग 2002 आवंटियों को आवंटन पत्र निर्गत किया जा चुका है तथा निजी विकासकतार्ओं की कुल 11 योजनाओं में निर्मित कराये जा रहे 6481 ईडब्ल्यूएस भवनों के सापेक्ष 2754 भवनों के आवंटन उपरान्त लगभग 2295 आवंटियों को आवंटन पत्र निर्गत किया जा चुके हैं।



