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पुतिन जी आपका बहुत-बहुत आभार !

कमल सेखरी

पिछले दो दिनों सोमवार और मंगलवार को भारी शोरगुल और हंगामें के बीच स्थगित हुई लोकसभा और राज्यसभा की कार्रवाई बुधवार को नियमित हो गई जिसमें विपक्ष के सभी दलों ने बराबर की हिस्सेदारी करके जनहित की कई योजनाओं और समस्याओं पर बड़े ही सौहार्दपूर्ण वातावरण में अपनी-अपनी बातों को रखा। सरकार ने जहां एक ओर चुनाव सुधार प्रक्रिया के नाम से दो दिन बहस कराने की तारीखें निर्धारित कर दी वहीं दूसरी ओर संचार साथी के नाम से देश की आम जनता के मोबाइलों में डाले जा रहे ऐप की अनिवार्यता के आदेशों को भी वापस ले लिया है। इन दो बड़े मुद्दों पर यकायक यू टर्न लेने का श्रेय विपक्षी दलों के पुरजोर विरोध को तो जाता ही है साथ ही एक बड़ा कारण इस यू टर्न का चार दिसंबर को दो दिवसीय
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा को भी जाता है। राजधानी दिल्ली में व्यापक स्तर पर प्रभावी प्रदूषण को तो सरकार चाहते हुए भी कम नहीं कर पा रही है लेकिन लोकसभा के उन दो मुद्दों पर यू टर्न जरूर ले गई है जिसकी वजह से दोनों सदनों से लेकर मीडिया के सभी माध्यमों में विगत सोमवार से भारी शोर मच रहा था। रूस के राष्ट्रपति श्री पुतिन की इस भारत यात्रा के दौरान रक्षा मंत्रालय के कई बड़े मसौदों पर समझौते भी होने जा रहे हैं लिहाजा राष्ट्रपति पुतिन की यह यात्रा और उन मसौदों में कोई बड़ी बाधा ना पैदा हो जाए इसलिए सरकार ने अचानक नरमी बरतकर यू टर्न लेने में ही समझदारी का रास्ता निकाला। आगामी मंगलवार और बुधवार दोनों दिन लोकसभा में दस-दस घंटे की निरंतर बहस चुनाव सुधार प्रक्रिया पर होनी तय हुई है। विपक्षी दलों को लग रहा है कि वो चुनाव सुधार प्रक्रिया के नाम पर अब तक लगाए अपने वोट चोरी के आरोपों और चुनाव आयोग पर बरती जा रही अनियमितता के आरोपों पर भी खुलकर बातचीत कर पाएंगे और साथ ही ईवीएम में जो उनकी शंका है उसको भी सदन के पटल पर रख सकेंगे। लेकिन शायद विपक्षी दलों की यह धारणा उस समय अपेक्षा के विपरीत खंडित होती नजर आ सकती है जब उन्हें उनकी इच्छा अनुसार इन सब मुद्दों पर खुलकर बोलने की अनुमति लोकसभा के सभापति प्रदान ना करें। सत्ता दल उस समय यह भी कह सकता है कि बहस चुनाव प्रक्रिया में सुधार लाने के लिए की जा रही है आरोप लगाने के लिए नहीं। अब विपक्ष जो आरोप एसआईआर के नाम पर सदन में खुलकर लगाने की योजना बना रहा था वो टूट भी सकती है। चुनाव सुधार प्रक्रिया पर कोई बोलेगा तो क्या बोलेगा क्योंकि उसे सिर्फ सुधार पर बात करने की अनुमति होगी, आरोप लगाने की नहीं। लिहाजा आगामी मंगलवार और बुधवार लोकसभा में फिर भारी हंगामा बरपने की उम्मीदें लगाई जा रही हैं। फिलहाल तो राष्ट्रपति पुतिन जी का धन्यवाद, क्योंकि एक लंबे समय बाद हम रूस के मुखिया की मेहमाननवाजी कर रहे हैं वो भी औरिजनल व्लादिमीर पुतिन की। भले ही हमारी रूस को लेकर यह मेहमाननवाजी से अमेरिका नाराज हो जाए और हमें आने वाले समय में अमेरिका की यह नाराजगी भुगतनी भी पड़े।

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