अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता बनीं मेघा मित्तल, एक गृहणी की अनोखी जीत की प्रेरक कहानी

गाजियाबाद। गृहिणी का जीवन अक्सर घर की चारदीवारी में सिमट जाता है, लेकिन जब जज्बा बुलंद हो, तो सीमाएं खुद-ब-खुद टूट जाती हैं। गाजियाबाद मॉडल टाऊन की रहने वाली मेघा मित्तल ने यही कर दिखाया। उन्होंने न सिर्फ अपनी घरेलू जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन कर हर एक महिला के लिए प्रेरणा की मिसाल कायम की। श्रीलंका में 5 और 6 जुलाई को आयोजित 38वीं श्रीलंका मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में मेघा मित्तल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। यह प्रतियोगिता श्रीलंका, भारत और पाकिस्तान जैसे तीन देशों के बीच महिंदा राजपक्षे स्टेडियम में आयोजित की गई थी। मेघा एक गृहणी होने के साथ-साथ कंप्यूटर बिजनेस भी संचालित करती हैं। अपनी व्यस्त दिनचर्या में से समय निकालकर उन्होंने स्टेडियम में प्रैक्टिस की, खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार किया, और कड़ी मेहनत के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता पाई। उनकी यह उपलब्धि न केवल गाजियाबाद बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं। मेघा मित्तल आज हर उस महिला के लिए एक प्रेरणा हैं जो सपने देखती है लेकिन सामाजिक जिम्मेदारियों के बोझ तले उन्हें भूल जाती हैं। उनका यह जीतना केवल एक पदक नहीं, बल्कि लाखों महिलाओं को यह संदेश है कि आप भी कर सकती हैं।



