जातीय जनगणना से ओबीसी समाज को पहचान एवं अधिकार पाने का मिलेगा बड़ा अवसर: नरेन्द्र कश्यप

गाजियाबाद जल निगम गेस्ट हाउस में मीडियाकर्मियों को सम्बोधित करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साहस का परिचय देते हुए जातीय जनगणना कराये जाने का फैसला लेकर भारत की राजनीति में एक नया इतिहास लिखने का काम किया है। जातीय जनगणना कराने से विशेष कर भारत के अन्य पिछड़े एवं अति पिछड़े वर्ग के लोगों को अपनी संख्या की पहचान होगी और संख्या के अनुपात में संवैधानिक अधिकारों को पाने अवसर मिलेगा। प्रधानमंत्री के इस ऐतिहासिक फैसले का ओबीसी मोर्चा उत्तर प्रदेश एवं ओबीसी समाज उत्तर प्रदेश हृदय से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त करता है और प्रधानमंत्री के इस ऐतिहासिक फैसले के लिए उत्तर प्रदेश ही ही नहीं बल्कि संपूर्ण देश का ओबीसी समाज ऋणी भी रहेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जातीय जनणना के फैसले से आज पिछड़े वर्ग के लोगों में जश्न का माहौल है, लोग खुशियां मना रहे हैं, लड्डू बांट रहे हैं तथा ढोल-बैण्ड बाजे बजाकर प्रधानमंत्री के फैसले का स्वागत कर रहे हैं और करें भी क्यों नहीं, क्योंकि जातीय जनगणना होने से सामाजिक न्याय एवं संवैधानिक अधिकारों को पाने के नये अवसर मिलने वाले हैं। ओबीसी समाज के लोगों को शिक्षा, अर्थ व्यवस्था एवं राजनीति में भी आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। मोदी जी ने साबित किया है कि वह जो कहते हैं, करके भी दिखाते हैं। भाजपा ने की विचारधारा अंत्योदय से सर्वोदय तक जाने की है। जो जातीय जनगणना के फैसले से सही प्रतीत हो रही है।
गांधी परिवार ने कभी ओबीसी समाज के दर्द को नहीं समझा
मंत्री कश्यप ने बताया कि देश में गांधी परिवार से 03 प्रधानमंत्री बने हैं जिनमें पं0 जवाहरलाल नेहरू, श्रीमती इन्दिरा गांधी के अलावा राजीव गांधी। क्या कभी गांधी परिवार ने ओबीसी समाज के लोगों के इस दर्द को समझा? देश जानता है कि नहीं समझा। और समझता भी क्यों, क्योंकि गांधी परिवार तो हमेशा आरक्षण का विरोधी रहा है, ओबीसी समाज का विरोधी रहा है, दलितो का विरोधी रहा है। गांधी परिवार की यह आरक्षण विरोधी नियत देश के सामने उस समय उजागर हो गयी थी जब 1955 के काका कालेलकर आयोग की रिपोर्ट को पं0 जवाहरलाल नेहरू ने लागू नहीं होने दिया और 1980 में बी.पी. मण्डल आयोग की रिपोर्ट का तो खुलकर संसद एवं सड़क पर गांधी परिवार ने विरोध किया और सच तो यह भी है कि यदि 1990 में भाजपा के समर्थन से बी.पी. सिंह की सरकार नहीं बनी होती तो देश को कभी ओबीसी के लोगों को 27 प्रतिशत आरक्षण भी नहीं मिला होता। कांग्रेस पार्टी की नियत यदि ओबीसी समाज के लिए ठीक होती तो इस समाज को आरक्षण का लाभ 1990 से नहीं बल्कि आजादी के तुरन्त बाद से मिलना था। आज ओबीसी समाज भारत की मुख्यधारा से जुड़ा होता तथा बराबरी का स्थान व सम्मान पा चुका होता। ओबीसी मोर्चा उत्तर प्रदेश जहां एक तरफ जातीय जनगणना का फैसला लेने वाले देश के प्रधानमंत्री आदरणीय नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करेगा वहीं कांग्रेस, सपा एवं गैर भाजपाई दलों जिनकी सोच, मानसिकता एवं एजेण्डा पिछड़ा विरोधी रहा है, उसका पर्दाफाश भी करेगा।
140 करोड़ जनता के रहनुमा हैं पीएम मोदी
मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सही मायनों में देश की 140 करोड़ जनता के रहनुमा हैं, जिन्होंने सबका साथ सबका विकास की अवधारणा पर सबको आगे बढ़ाने का काम किया है। ओबीसी समाज के लिए तो प्रधानमंत्री मोदी देव के समान है, जिन्होंने ओबीसी समाज के दर्द व मर्म को समझा। आज भारत के अन्दर ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा मिला। ओबीसी के चेयरमैन को कैबनेट मंत्री का दर्जा मिलना, नीट परीक्षा में 27 प्रतिशत आरक्षण मिलना, केन्द्रीय एवं सैनिक विद्यालयों में 27 प्रतिशत रिजर्वेशन मिलना, क्रीमिलेयर आय सीमा को 8 लाख तक बढ़ाना तथा केन्द्रीय कैबनेट में 27 प्रतिशत पिछड़े सांसदों को मंत्री बनाना जैसे महत्वपूर्ण निर्णय हुए हैं, वह नरेन्द्र मोदी जी की ही सरकार में हुआ है।
मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने पत्रकार बन्धुओं को बताते हुए ओबीसी मोर्चा के आगे के कार्यक्रम के बारे में बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का आभार जताने के लिए ओबीसी मोर्चा, उत्तर प्रदेश के सभी जिलों, मण्डलों एवं क्षेत्रों में जश्न मनाकर प्रधानमत्री का आभार व्यक्त करेगा और आने वाले समय में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का और मजबूती के साथ समर्थन देकर उनके साथ चट्टान की तरह खड़ा होगा। प्रेस वार्ता में महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, मनोज यादव, सौरभ जयसवाल, देवेंद्र यादव, राजेश गुप्ता, गौरव चोपड़ा, अनिल गर्ग, आकाश ठाकुर व रोहित गौतम आदि उपस्थित रहे।



