चर्चा-ए-आमलेटेस्ट

कहां गायब हो गए झारखंड के मुख्यमंत्री!

बीते दिन देश की राजधानी दिल्ली में सुबह से लेकर देर शाम तक यह खबर सुर्खियां बनी रहीं कि दिल्ली आए झारखंड प्रदेश के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अचानक लापता हो गए। उन्हें कल प्रवर्तन निदेशालय ईडी ने मनी लॉड्रिंग के मामले की जांच करने के लिए दिल्ली बुलाया था। ईडी विभाग के कई बड़े अधिकारी उनके दिल्ली स्थित आवास पर इस इंतजार में बैठे रहे कि हेमंत सोरेन किसी पल भी वहां पहुंचकर चल रही जांच में हिस्सा ले सकते हैं। लेकिन दोपहर बाद तक उनके वहां न पहुंचने से यह खबर सुर्खियां पकड़ती चली गई कि हेमंत सोरेन दिल्ली तो आए हैं लेकिन अचानक लापता हो गए। ईडी के जांच अधिकारी देरशाम तक उनके आवास पर बैठे रहे और शाम को जाते हुए उनके दिल्ली आवास पर खड़ी दो बीएमडब्ल्यू कार जब्त कर अपने साथ ले गए। मीडिया में कल यह खबर निरंतर चर्चाओं में बनी रही कि झारखंड के मुख्यमंत्री दिल्ली तो आए हैं लेकिन ईडी की जांच के डर से अपने दिल्ली निवास पर नहीं पहुंचे और कहीं लापता हो गए। अब यह बात बड़ी गंभीर भी है और चिंता का विषय भी है कि मुख्यमंत्री स्तर का कोई नेता अचानक गायब हो जाता है, पुलिस उसे ढूंढ रही है और वह देरशाम तक पुलिस के हाथ नहीं लग सका। जबकि मुख्यमंत्री स्तर के उस नेता को केन्द्र सरकार से ही जेड प्लस की सुरक्षा मुहैया कराई जाती है, इसी के तहत हेमंत सोरेन को भी जेड प्लस सुरक्षा मिली हुई थी। अब यह सोचने का विषय है कि जो राजनेता मुख्यमंत्री स्तर का नेता हो और जिसे जेड प्लस सुरक्षा मिली हो वह उस सुरक्षा के घेरे में से निकलकर अचानक कहां गायब हो जाता है, अगर हेमंत सोरेन उस सुरक्षा घेरे के बीच में से निकलकर कहीं गायब हो गए तो जेड प्लस सुरक्षा के बड़े अधिकारियों ने इसकी सूचना अपने विभाग और गृहमंत्रालय को क्यों नहीं दी? अगर हेमंत सोरेन उस मिली सुरक्षा के अधिकारियों से साठगांठ करके अपनी सहूलियत अनुसार कहीं बीच में से गायब हो जाते हैं जिसकी सूचना सुरक्षा अधिकारी अपने विभाग को भी नहीं देते तो उन सुरक्षा अधिकारियों को अविलंब निलंबित क्यों नहीं किया गया? दूसरा अभी जांच प्रक्रिया चलने के दौरान जब तक हेमंत सोरेन दोषी नहीं पाए जाते तब तक उनके दिल्ली आवास की चारदीवारी के अंदर खड़ी उनकी दो लग्जरी कारों को किस कानून के तहत जब्त किया गया? यह भी एक बड़ा सवाल है जो पूछा जाना जरूरी है कि प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी संबंधित न्यायालय से आदेश प्राप्त किए बिना प्रश्नगत दोषी जिसकी जांच अभी चल रही है उसकी संपत्ति जब्त करके ले जा सकते हैं ? किसी बड़े प्रदेश के मुख्यमंत्री का जेड प्लस सुरक्षा घेरे के बीच में से अचानक लापता हो जाना और उसे मीडिया की मार्फत पूरे देश में फरार अभियुक्त घोषित कर बदनाम किया जाना और उसके आवास से उसकी संपत्ति को जब्त करके ले जाया जाना कहां तक न्याय संगत है। इस तरह के कई मुद्दे इन दिनों सियासी उठा पटक के चलते तेजी से चल रहे हैं लेकिन कोई बोले, पूछने और बताने वाला नहीं है।

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