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मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना में नि:शुल्क कोचिंग से संघ लोक सेवा आयोग में 23 एवं यूपी लोक सेवा आयोग में चयनित 95 अभ्यर्थियों का सम्मान समारोह आयोजित

  • प्रदेश के सभी 75 जनपदों में अभ्युदय कोचिंग का हो रहा संचालन
  • इस बार के यूपीएससी परिणाम में अभ्युदय कोचिंग संस्थान की रही अच्छी भूमिका
    लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के सभी 75 जनपदों में अभ्युदय कोचिंग संचालित की जा रही हैं। इनकी क्वॉलिटी को और अधिक इम्प्रूव करना है। कोचिंग एक मार्गदर्शक है। सफलता छात्र की मेहनत व सामर्थ्य पर निर्भर करती है। छात्र सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहा है, तो परिणाम अवश्य सामने आएंगे। अभ्युदय कोचिंग के छात्रों का मार्गदर्शन उस क्षेत्र में सफल लोग ही कर रहे हैं। साथ ही, विषय विशेषज्ञ लोग भी जुड़कर इसे सफलता की ऊँचांइयों तक पहुंचा रहे हैं। इस बार का यूपीएससी का परिणाम यह बताता है कि अभ्युदय कोचिंग संस्थान ने अच्छी भूमिका का निर्वहन किया है। इस मूवमेण्ट को बनाए रखना होगा।
    मुख्यमंत्री लोक भवन में शुक्रवार को मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना में विगत दो वर्षां में नि:शुल्क कोचिंग से संघ लोक सेवा आयोग में 23 एवं उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में 95 चयनित अभ्यर्थियों के सम्मान समारोह में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग एवं उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में नवचयनित 21 अभ्यर्थियों को सम्मानित किया। उन्होंने समाज कल्याण विभाग को इस अभिनव योजना को प्रारम्भ करने के लिए एवं सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने के लिए बधाई दी।
    मुख्यमंत्री योगी ने मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत संचालित कोचिंग संस्थानों से मार्गदर्शन प्राप्त कर नवचयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि सदी की सबसे बड़ी महामारी कोरोना के दौरान प्रदेश के युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु हर जनपद में जिस कोचिंग संस्थान को प्रारम्भ करने का संकल्प लिया गया था। कोरोना समाप्त होने के पूर्व ही उनसे परिणाम आने प्रारम्भ हो गए हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान 25 मार्च, 2020 को देश की 140 करोड़ आबादी को बचाने के लिए लॉकडाउन प्रारम्भ हुआ था। लॉकडाउन के दौरान हमारे सामने दोहरी चुनौती थी। एक तरफ प्रदेश की 25 करोड़ आबादी को संक्रमण से बचाना था, तो दूसरी तरफ दूसरे प्रदेश से बाहर अन्य राज्यों में काम करने वाले कामगार एवं श्रमिकों को राज्य में सुरक्षित वापस लाना तथा प्रदेश से बाहर कोटा, दिल्ली एवं प्रदेश के प्रयागराज में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं को सुरक्षित उनके गांव तक पहुंचाना था।
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि राज्य सरकार ने राजस्थान के कोटा से लगभग 15 हजार एवं प्रयागराज से लगभग 14 हजार छात्र-छात्राओं को बस द्वारा सुरक्षित उनके गन्तव्य तक पहुंचाने का कार्य किया। उस दौरान स्वयं इन छात्र-छात्राओं से वर्चुअल माध्यम से जुड़े और कहा कि इस तरह के संकट से बचने के लिए ऐसे कोचिंग संस्थान बनाने का प्रयास किया जाएगा, जो कोचिंग ही नहीं हो, बल्कि जीवन का पथ प्रदर्शन करे। इसके लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2021 में बसन्त पंचमी के दिन मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना को प्रारम्भ किया। मात्र ढाई वर्ष में इसका सकारात्मक परिणाम दिखायी दे रहा है। अभ्युदय का मतलब है, जहां से सांसारिक उत्कर्ष का मार्ग प्रशस्त हो। आज इसके परिणाम प्रदर्शित करते हैं कि यह सांसारिक उत्कर्ष का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1998 से वर्ष 2020 तक समाज कल्याण विभाग द्वारा जो भी कोचिंग संचालित की जाती थी, उनमें मात्र 3 से 4 अभ्यर्थी रेलवे एवं अन्य विभागों में चयनित होते थे। पहली बार प्रदेश में अभ्युदय कोचिंग से मार्गदर्शन प्राप्त करने वाले 23 अभ्यर्थियों का संघ लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयन हुआ है। यह एक सकारात्मक पहल है। इसके लिए अभ्यर्थियों की मेहनत एवं समाज कल्याण विभाग की पहल सराहनीय है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय मनीषा ने अयोग्य पुरुषो नास्ति, योजकस्तत्र दुलर्भ: की बात की है, यानि कोई भी मनुष्य अयोग्य नहीं है, उसे केवल एक योजक चाहिए। अभ्युदय कोचिंग संस्थान योजक के रूप में कार्य कर रहा है। आज नवचयनित आईएएस जो विभिन्न पदों पर कार्य कर रहे हैं, वह अपने जनपदों में अभ्युदय कोचिंग में मार्गदर्शक के रूप में कार्य कर रहे हैं। मण्डलायुक्त के नेतृत्व में बनी हुई कमेटी के माध्यम से यह अधिकारी अभ्युदय कोचिंग से जुड़ते हैं। पीसीएस या पीपीएस में चयनित अभ्यर्थी भी अभ्युदय कोचिंग में अपना मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। आईआईटी, नीट को क्वॉलिफाइ करने के बाद सर्विस कर रहे विभिन्न जनपदों में तैनात लोग भी इस कोचिंग के माध्यम से छात्र-छात्राओं को अपना मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से भी अच्छे विषय विशेषज्ञों का सहयोग लिया जा रहा है। फिजिकली व वर्चुअली दोनों प्रकार की कक्षाएं संचालित हो रही हैं।
    मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की कि जनजातीय क्षेत्रों में एकलव्य विद्यालयों से जुड़े विद्यार्थियों का चयन नीट, आईआईटी, जेईई व अन्य परीक्षाओं में हो रहा है। इनमें कुछ विद्यार्थियों को आज सम्मानित किया गया, यह समानता के अवसर को साकार कर रहा है, जिससे बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर का सपना साकार हो रहा है।
    इस अवसर पर समाज कल्याण एवं अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि मुख्यमंत्री की प्रेरणा एवं संकल्पना से यह विजन शुरू हुआ है। आज चयनित सभी अभ्यर्थी राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देते हुए अन्य अभ्यर्थियों को भी मार्गदर्शन प्रदान करे। यह योजना प्रदेश के समस्त जनपदों में संचालित है। शीघ्र ही, इस योजना को तहसील स्तर पर लागू किया जाएगा, जिससे ग्रामीण अंचल के अभ्यर्थियों को लाभान्वित किया जा सके। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना एक चेन की तरह कार्य करे, जो भी अभ्यर्थी चयनित हों वह नियुक्ति के जनपदों में अभ्युदय कोचिंग को आगे बढ़ाएं, जिससे निजी कोचिंग पर निर्भरता कम हो। समारोह को समाज कल्याण एवं अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण राज्य मंत्री श्री संजीव गोंड ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र, समाज कल्याण आयुक्त हेमन्त राव, प्रमुख सचिव समाज कल्याण डॉ. हरिओम, प्रमुख सचिव परिवहन एवं महानिदेशक उपाम एल वेंकटेश्वरलू सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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