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आईटीएस कालेज में फिजियोकॉन-2023 का आयोजन

गाजियाबाद। मुरादनगर स्थित आईटीएस इंस्टीट्यूट आफ हैल्थ एंड एलाईड साइंसेज का फिजियोथेरेपी विभाग इस साल भी शिक्षाप्रद कार्यक्रम फिजियोकॉन-2023 शुरू करने के लिए तैयार है। फिजियोकॉन आईटीएस इंस्टीट्यूट आफ हैल्थ एंड एलाईड साइंसेज द्वारा हर साल फिजियोथेरेपी छात्रों को इस क्षेत्र में हो रही नई प्रगति को सीखने का अवसर प्रदान करने के लिये आयोजित किया जाता है। छात्रों के साथ अपने बहुमूल्य ज्ञान को साझा करने के लिए क्षेत्र की विभिन्न प्रतिष्ठित हस्तियों को आमंत्रित किया जाता है। इस श्रृंखला की पहली कार्यशाला डॉ. दिब्येन्दु नारायण बिद द्वारा 25 एवं 26 मई, 2023 को क्लिनिकल प्रैक्टिस में स्पाईनल मैनिपुलेशन विषय पर ली गई। डॉ. दिब्येन्दु नारायण बिद असंख्य प्रमाणन पाठ्यक्रम और विख्यात ज्ञान से समृद्ध एक प्रसिद्ध फियि थेरेपिस्ट हैं। कार्यक्रम की शुरूआत डॉ. दिब्येन्दु नारायण बिद के स्वागत के साथ हुई। डॉ. सीएस राम, प्रिंसिपल, आईटीएस इंस्टीटयूट आफ हैल्थ एंड एलाईड साइंसेज, डॉ. एम थंगराज, वाईस प्रिंसिपल द्वारा डॉ. दिबयेन्दुनारायण बिद का स्वागत किया गया। डॉ. सीएस राम ने फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में व्यवहारिक कौशल के महत्व पर ध्यान केंद्रित करते हुए अपने प्रेरक शब्दों के साथ प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि अपने ज्ञान से सर्वोत्तम संभव तरीके से समाज की मदद करने का स्त्रोत बनने के लिए जितना संभव हो उतना अभ्यास करें और अपने नैदानिक कौशल को बढाएं।
डॉ. दिब्येन्दु नारायण बिद ने अपनी पीएचडी आरके विश्वविद्यालय, राजकोट से की है। वे एक प्रमाणित आॅकिस्टयोपैथ और कायरोप्रैक्टिशनर है। उनके पास 26 साल का क्लीनिकल और टीचिंग का अनुभव है। डॉ. दिबयेन्दुरारायण ने रीढ़ और विभिन्न परिधीय जोड़ों के मैनिपुलेशन का प्रदर्शन किया जो लम्बे समय से चल रहे दर्द से राहत दिलाने में मदद करता है। मैनिपुलेशन थेरेपी सीखने के दौरान छात्रों को बिल्कुल अलग अनुभव हुआ और उन्होंने प्रत्येक तकनीक का बड़े उत्साह और ईमानदारी के साथ अभ्यास किया। कार्यशाला के दौरान छात्रों ने मैनिपुलेशन थेरेपी के बारे में कई प्रश्न रखे जिन्हें डॉ. दिबयेन्दुनारायण बिद ने प्रभावी ढंग से दूर किया। छात्रों ने आईटीएस-द एजूकेशन ग्रुप के वाईस चेयरमैन अर्पित चड्ढा को उनके ज्ञान को बढ़ाने के लिए इतना बड़ा मंच देने के लिये और उनकी शिक्षा को व्याख्यान कक्षों तक सीमित न रखने के लिए धन्यवाद दिया। अर्पित चड्ढा ने फिजियोकॉन-2023 की पहली कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए डा. सीएस राम और अन्य सभी शिक्षकों को बधाई दी और उन्हें भविष्य में होने वाली कार्यशालाओं के लिए शुभकामनाएं दी।

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