

- पीपीएम समन्वयक ने एचडब्ल्यूसी सलाई का दौरा कर अभियान के बारे में जानकारी ली
हापुड़। एकीकृत निक्षय दिवस के साथ 15 मई से शुरू हुए 21 कार्य दिवसीय विशेष क्षय रोगी खोज अभियान के पहले चरण में अभियान के बारे में प्रचार प्रसार किया जा रहा है। इसी क्रम में जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डा. राजेश सिंह अपनी टीम के साथ स्वर्ग आश्रम रोड पर समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित वृद्धाश्रम पहुंचे। डीटीओ के नेतृत्व में टीम ने वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों को क्षय रोग (टीबी) के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डा. राजेश सिंह ने बुजुर्गों का चिकित्सकीय परीक्षण भी किया। कुल 30 बुजुर्गों की स्क्रीनिंग की गई और लक्षण युक्त चार बुजुर्गों के बलगम के नमूने लिए गए।
बुजुर्गों को क्षय रोग विभाग की टीम ने बताया कि दो सप्ताह से अधिक खांसी, खांसी में बलगम या खून आना, सीने में दर्द, वजन कम होना और हरारत या बुखार बने रहना टीबी के लक्षण हो सकते हैं। इनमें से कोई भी लक्षण आने पर टीबी की जांच कराना जरूरी है। टीबी की जांच पूरी तरह निशुल्क है, इसके साथ ही यदि जांच में टीबी की पुष्टि होती है तो उपचार की भी व्यवस्था सरकार की ओर से की गई है। इसके साथ ही सरकार की ओर से रोगी को बेहतर खानपान के लिए निक्षय पोषण योजना के तहत हर माह पांच सौ रुपए का भुगतान सीधे बैंक खाते में किया जाता है। नियमित उपचार के बाद टीबी पूरी तरह ठीक हो जाती है। टीम में जिला पीपीएम समन्वयक सुशील चौधरी और जिला पीएमडीटी समन्वयक मनोज कुमार गौतम आदि शामिल रहे।
इसके अलावा जिला पीपीएम समन्वयक सुशील चौधरी और एसटीएस हसमत अली ने हापुड़ ब्लॉक में ही हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, सलाई का दौरा कर अभियान की प्रगति के बारे में जानकारी ली। सलाई में तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) प्रियंका ने बताया कि बुधवार को ओपीडी में कुल तीन लक्षण युक्त व्यक्तियों के बलगम के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।



