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कोरोना को लेकर लखनऊ, गाजियाबाद व गौतमबुद्धनगर में विशेष सतर्कता की आवश्यकता: योगी

  • देश में बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रदेश के सभी 75 जिलों में तत्काल कोविड डेडिकेटेड हॉस्पिटल चिन्हित किए जाएं
  • विगत वर्ष स्थापित सभी आॅक्सीजन प्लांट क्रियाशील किये जाएं
  • कोविड के साथ-साथ इन्फ्लुएंजा के संदिग्ध मरीजों की निगरानी की जाए
  • 11-12 अप्रैल को पूरे प्रदेश के अस्पतालों में मॉकड्रिल करते हुए अपनी तैयारियों को परखा जाए
    लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश कोविड टीकाकवर से पूरी तरह सुरक्षित है। देश में सर्वाधिक टीकाकरण उत्तर प्रदेश में हुआ है। ऐसे में किसी बड़े खतरे की आशंका न्यून है। आगामी दिनों में मंदिरों व अन्य धर्मस्थलों में लोगों का आवागमन बढ़ेगा। ऐसे में संक्रमण प्रसार की सम्भावना हो सकती है। गंभीर रोग से ग्रस्त व वृद्धजन भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में आवागमन से यथासम्भव बचने का प्रयास करें। यदि आवश्यक हो तो मास्क लगाकर ही जाएं। इस सम्बन्ध में पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाए।
    मुख्यमंत्री योगी अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश में कोविड-19 और इन्फ्लुएंजा की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने बैठक में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स सम्बन्धी तैयारी, टीकाकरण अभियान की स्थिति, कोविड-19 के नए वेरिएंट और इन्फ्लुएंजा के वेरिएण्ट के संक्रमण से बचाव और आमजन की स्वास्थ्य सुरक्षा के सम्बंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते सप्ताह के परिणाम बताते हैं कि जनपद लखनऊ, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में सर्वाधिक केस मिले हैं। इन जनपदां में विशेष सतर्कता की आवश्यकता है। जनपद लखीमपुर के एक विद्यालय में पॉजिटिव पाये गये सभी लोगों की स्थिति ठीक है। सभी को क्वारन्टाइन किया गया है। इनके स्वास्थ्य की सतत निगरानी की जाए। कोविड से बचाव के लिए उत्तर प्रदेश में सभी संसाधन उपलब्ध हैं। देश में बढ़ते मामलों को देखते हुए सभी 75 जिलों में तत्काल कोविड डेडिकेटेड हॉस्पिटल चिन्हित किए जाएं। विगत वर्ष स्थापित सभी आॅक्सीजन प्लांट क्रियाशील किये जाएं। अस्पतालों/मेडिकल कॉलेजों को उपलब्ध कराए गए वेंटिलेटर भी एक्टिव किये जाएं। जहां वेंटिलेटर हो वहां एनेस्थेटिक की तैनाती जरूर की जाए। पैरामेडिकल स्टाफ की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित की जाए। कोविड के साथ-साथ इन्फ्लुएंजा के संदिग्ध मरीजों की निगरानी की जाए। आगामी 11-12 अप्रैल को पूरे प्रदेश के अस्पतालों में मॉकड्रिल करते हुए अपनी तैयारियों को परखा जाए।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिवर्ष अप्रैल, जुलाई व अक्टूबर माह में संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अंतर्विभागीय समन्वय के साथ विशेष अभियान संचालित होता है। इस वर्ष एक अप्रैल से इसका नवीन चरण प्रारंभ हो रहा है। अभियान को प्रभावी बनाना सामूहिक जिम्मेदारी है। सरकारी प्रयास के साथ-साथ जनसहभागिता भी महत्वपूर्ण है। संचारी रोग अभियान की सफलता के लिए अंतर्विभागीय समन्वय महत्वपूर्ण आधार है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, मेडिकल एजुकेशन, ग्राम्य विकास, नगर विकास, महिला बाल विकास, कृषि, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा द्वारा अंतर्विभागीय समन्वय के साथ स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा के ठोस प्रयास किये जाएं। अभियान के दौरान मंत्रीगण जिलों में उपस्थित रहेंगे तथा आमजन के साथ विभिन्न कार्यक्रमों में प्रतिभाग करेंगे। पंचायती राज और नगर विकास विभाग द्वारा जनसहयोग के माध्यम से स्वच्छता का अभियान चलाया जाए।
    बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि विगत 7 दिनों में प्रदेश में लगभग 2 लाख 20 हजार टेस्ट किए गए और 265 कोविड पॉजिटिव मरीज पाए गए। प्रदेश में प्रति 10 लाख की आबादी पर एक कोविड पॉजिटिव मरीज है। वर्तमान में 262 एक्टिव केस हैं और किसी की स्थिति गंभीर नहीं है। सभी घर पर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं। वर्तमान में देश में किए जा रहे कुल कोविड टेस्ट का 35-40 प्रतिशत टेस्ट उत्तर प्रदेश में हो रहा है। सतर्कता और सुरक्षा के दृष्टिगत इसे और बढ़ाए जाने की जरूरत है।

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