लेटेस्टशहरस्वास्थ्य

पिलखुवा नगर पालिका अध्यक्ष भी बनीं निक्षय मित्र

  • 10 क्षय रोगियों को गोद लेकर पुष्टाहार उपलब्ध कराया
  • समय से दवा खाते रहेंगे तो सौ फीसदी ठीक हो जाएंगे : डीटीओ
    हापुड़/ पिलखुवा। पिलखुवा नगर पालिका अध्यक्ष गीता गोयल भी शुक्रवार को निक्षय मित्र बन गईं। उन्होंने 10 क्षय रोगियों को गोद लेकर भावनात्मक और सामाजिक सहयोग देने का प्रण लिया है। पिलखुवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर आयोजित कार्यक्रम में अपने पति मनोज गोयल के साथ पहुंची नगर पालिका अध्यक्ष ने क्षय रोगियों को पुष्टाहार उपलब्ध कराया। इस मौके पर जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डा. राजेश सिंह के अलावा सीएचसी प्रभारी डा. शेखर, डा. चंदा झा, डा. सतीश चंद्रा, डा. शैफाली वर्मा, लैब टेक्नीशियन संदीप पुंडीर और विपिन टीबीएचवी विजय कुमार, एसटीएस संगीता अरोड़ा, एसटीएलएस रामा कृष्णा, फार्मासिस्ट सीमा, पूजा और खुर्शीद मौजूद रहे।
    कार्यक्रम के दौरान सबसे पहले डीटीओ डा. सिंह ने क्षय रोगियों से हाल जाना और साथ ही दवा समय से लेने की हिदायत दी। डीटीओ ने कहा नियमित रूप से दवा खाने पर सौ फीसदी ठीक हो जाएंगे। दवा बीच में मत छोड़ना, दवा बीच में छोड़ने से टीबी बिगड़ जाती है। बिगड़ी (मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट) टीबी के उपचार के लिए ज्यादा दिनों तक दवा खानी पड़ती है और उपचार मुश्किल हो जाता है। उन्होंने क्षय रोगियों को बताया – दवा के साथ उच्च प्रोटीन युक्त भोजन करें। डा. सिंह ने बताया क्षय रोगियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, ऐसे में उन्हें मधुमेह और एचआईवी जैसे दूसरे रोग लगने का खतरा हो जाता है। इसलिए क्षय रोगियों की यह जांच भी निशुल्क कराई जाती हैं और प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाए रखने के लिए अच्छा पोषण भी दिया जाता है।
    जिला पीपीएम को-आॅर्डिनेटर सुशील चौधरी ने बताया कि क्षय रोगियों को बेहतर पोषण हेतु मदद उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने 2018 से निक्षय पोषण योजना शुरू की हुई है। योजना के तहत हर रोगी को उपचार जारी रहने तक पांच सौ रुपए प्रतिमाह का भुगतान उसके बैंक खाते में किया जाता है। क्षय रोगियों की मदद के लिए शासन के आदेश पर अब निक्षय मित्र बनाए जा रहे हैं। निक्षय मित्र हर माह पुष्टाहार उपलब्ध कराने के साथ ही रोगी को भावनात्मक और सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराते हैं, साथ ही क्षय रोगियों को नियमित रूप से दवा खाते रहने के लिए भी प्रेरित करते रहते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button