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4 जून को गोरखपुर का भ्रमण करने आएंगे राष्ट्रपति

  • सीएम योगी ने तैयारियों का लिया जायजा
  • राष्ट्रपति गीता प्रेस के शताब्दी वर्ष समारोह का करेंगे शुभारम्भ
  • मुख्यमंत्री ने गीता प्रेस में लीला चित्र मंदिर का किया निरीक्षण
    लखनऊ। उत्तर
    प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद गोरखपुर में 4 जून को राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द के प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम के दृष्टिगत तैयारियों की समीक्षा की। राष्ट्रपति द्वारा 4 जून को गीता प्रेस के शताब्दी वर्ष समारोह का शुभारम्भ किया जाना प्रस्तावित है।
    मुख्यमंत्री ने व्यवस्थाओं से जुड़ी सभी तैयारियों का निरीक्षण किया और अधिकारियों व गीता प्रेस प्रबन्धन को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। उन्होंने गीता प्रेस में लीला चित्र मंदिर का निरीक्षण किया। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति इस चित्र मंदिर का अवलोकन करेंगे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के लिए बने ले-आॅउट का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि गीता प्रेस धार्मिक-आध्यात्मिक पुस्तकों के प्रकाशन की विश्व की प्रतिष्ठित संस्था है। राष्ट्रपति का यहां कार्यक्रम भी इसी प्रतिष्ठा के अनुरूप सम्पन्न होना चाहिए। राष्ट्रपति के आगमन एवं उनके कार्यक्रम को लेकर समस्त व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त होनी चाहिए। ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि किसी को अनावश्यक परेशान न होना पड़े।
    इसके उपरान्त मुख्यमंत्री ने श्री गोरखनाथ मन्दिर में बैठक कर राष्ट्रपति के कार्यक्रम की तैयारियों एवं विकास कार्यांे के सम्बन्ध में निर्देश देते हुए कहा कि साफ-सफाई की व्यवस्था को और बेहतर किया जाये। पार्किंग के समुचित प्रबन्ध सुनिश्चित किए जाएं। स्ट्रीट वेन्डरों के साथ संवाद स्थापित करते हुये उनकी दुकानों को व्यवस्थित ढंग से स्थापित किया जाये। दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं।
    मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि देवरिया बाईपास सड़क के चौड़ीकरण के सम्बन्ध में शीघ्र प्रस्ताव तैयार किया जाए। प्रतिवर्ष कुछ सड़कों का चौड़ीकरण किया जाये। रोडवेज की बसें सड़क पर अनावश्यक खड़ी न रहें। किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न हो। सड़कें सुगम यातायात का माध्यम होनी चाहिए। उन्होंने इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को सेफ सिटी प्रोजेक्ट से जोड़ने और सड़क सुरक्षा के डायल 112 के वाहनों को हाई-वे पर नियमित पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए। गोरखपुर महानगर में जर्जर तारों को बदलने एवं भूमिगत केबिल बिछाने के कार्य को तीव्र गति से आगे बढ़ाया जाए।

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