व्यवस्था थकती है – कॉकरोच नहीं मरता!

कॉकरोच कभी खुदसे मरता नहींl यह एक ऐसी प्रजाति है जो दुनियां के हर कोने में समुंद्री सतह से लेकर ऊचें पहाड़ो के शिखर तक पायी जाती हैl दुनिया के किसी शक्ति शाली देश में भी इतनी ताकत नहीं है कि वो कॉकरोच प्रजाति को जड़ मूल समाप्त कर सकेl आप जितने भी कॉकरोच मारेंगें उससे कहीं अधिक संख्या में नए कॉकरोच पैदा हो जांयेंगेंl सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने भारत के बेरोजगार और असफल युवकों को देश की व्यवस्था के लिए कॉकरोच नाम की संज्ञा देकर सत्ता से जुड़े राजनेताओं के गले में घंटी बांधने का काम कर दियाl अमेरिका में रह रहे भारतीय मूल के निवासी अभिजीत दिपके ने इस कॉकरोच शब्द को पकड़ लिया और सोशल मीडिया पर अपना एक सन्देश दे कर भारत के सभी बेरोजगार,असफल और पीड़ित युवाओं का आवाहन किया और कॉकरोच जनता पार्टी का गठन करके ऐसे सभी भारत के पीड़ित युवाओं को एक मंच पर आने की अपील कीl देखते ही देखते यह संदेश देश के हर कोने में युवाओं के बीच पहुँच गया और उन सब ने खुद को कॉकरोच मानते हुए कॉकरोच जनता पार्टी को समर्थन दिया और उसकी सदस्यता भी ग्रहण कीl दो दिन में ही करोड़ो की संख्या में देश के युवक और इस विचारधारा को मानने वाले कई बड़े राजनेताओं, बुध्दि जीवियों ने भी खुद को नयी क्रांति की इस विचार धारा से जोड़ लियाl इन कॉकरोचों का इतनी तेजी से फैलाव देखकर केंद्र की सरकार हिल गयी और उसने कॉकरोच जनता पार्टी की वेबसाइट पर रोक लगा दीl सरकार की यह रोक देश के युवाओं में फैली क्रांति की इस नयी सोच को रोक नहीं पाई और इन युवां कॉकरोचों ने अपने आवाह्न को कई और नए माध्यमों से न केवल जारी रखा बल्कि और मजबूत भी बना दियाl अब इस नई क्रांति की सोच से जुड़े नए कॉकरोचों ने 6 जून को दिल्ली के जंतर मंतर पर अपनी सोच और वज़ूद का इज़हार करने के लिए एक आंदोलन आयोजित करने की योजना बनाई हैl इस नई सोच के सबसे बड़े कॉकरोच अभिजीत दिपके कल सुबह अमेरिका से भारत पहुंच रहें हैंl दिल्ली हवाई अड्डे पर उम्मीद है की बड़ी संख्या में देश के युवा कॉकरोच अपने नेता श्री दिपके का स्वागत करने पहुँचेंगेंl यहाँ से सभी लोग मिलकर संसद मार्ग पुलिस स्टेशन जायेंगें और वहाँ से अनुमति लेकर जंतर मंतर पर अपना-अपना धरना और आंदोलन आरम्भ करेंगें l अभिजीत दिपके ने कहा है कि उनका ये आंदोलन पूरी तरह शांति पूर्वक होगा और लोक तांत्रिक तरीके से किया जायेगा अभिजीत दिपके के साथ इस आंदोलन में लेह-लद्दाख के बड़े सामाजिक नेता सोनम वांगचुक के साथ प्रकाश राज भी बराबर की भागीदारी कर रहें हैंl सोनम वांगचुक का कहना है की आंदोलन शांति पूर्वक ही होगा अगर कोई हिंसा हुई तो वो सत्ता दल के समर्थको और पुलिस के बल के द्वारा ही प्रेरित होगीl इस आंदोलन की सबसे बड़ी मांग यह होगी की करोड़ो की संख्या में विद्यार्थीयों की प्रवेश परीक्षाओं के जो पर्चे लगातार लीक हो रहें हैं उसकी सरकार जवाब देहि करे और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिया जाएl इसके साथ ही छात्रों के भविष्य की सुरक्षा की गारंटी दी जाएl इस प्रदर्शन में आयोजकों ने अन्य राजनीतिक दलों से भी समर्थन देने की अपील की है लेकिन कोई भी दल प्रदर्शन स्थल पर अपने झंडे या बैनर लेकर नहीं आएगाl मुख्य आयोजक अभिजीत दिपके ने नीट के 22लाख, सीबीएसइ के 17 लाख,सीयूईटी के 16 लाख, एसएससीजीडी के 14 लाख पीड़ित छात्रों से भी इस आंदोलन में शामिल होने का अनुरोध किया हैl कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई ने भी इस प्रदर्शन में शामिल होने की बात कही हैl 6जून को होने वाला युवाओं का यह आंदोलन यदि सफल रहता है तो यह देश की अब तक हुई क्रांतियों में एक नया अध्याय जोड़ेगाl यह सम्भावना भी व्यक्त की जा रही है कि इस आंदोलन से देश की राजनीति में कोई नया परिवर्तन भी आ सकता हैl भारत में अब ये जो कॉकरोच पैदा हो गए इन्हें समाप्त कर पाना सम्भव नज़र नहीं आ रहा हैl
