चर्चा-ए-आमविचार

इन सामूहिक हत्याओं का दोषी कौन ?

देश की राजधानी दिल्ली में एक होटल की ईमारत में ठहरे लोगों में से 21 जिन्दा जल कर मर गएl वर्तमान एक साल की अवधी में ही भारत की राजधानी दिल्ली में लगातार भीषण आग लगने की कई घटनाएं हुई जिनमें 768 लोग आग की चपेट में आ कर जल कर मर गएl बीते दिन मालवीय नगर में स्थित मैक्स अस्पताल के सामने बने एक होटल के बेसमेंट में चल रही किचन में अचानक गैस सिलेंडर फटने से धमाका हुआ और उसके साथ ही लगी आग होटल की पूरी ईमारत में फ़ैल गयी और वहां रह रहे 19 लोग जल कर मर गए जिनमें 14 विदेशी नागरिक बताये जाते हैं जो मैक्स अस्पताल में अपने परिजनों का इलाज करने के लिए भारत आये थेl मीडिया में इस अग्नि कांड की खबर का निरंतर शोर मचने के 20 घंटे बाद दिल्ली की मुख़्यमंत्री राजधानी में होते हुए भी 20घंटे बाद मौके पर पहुँची और अग्नि कांड में जिन्दा जले लोगों के परिजनों से मिलीl मुख़्यमंत्री रेखा गुप्ता के इस उदासीन व्यवहार की कई निष्पक्ष मीडिया चैनलो ने पुरजोर निंदा कीl मालवीय नगर के जिस होटल में आग लगी उसमें कुल मिला कर 24 कमरें थे जिनमें से केवल 6कमरें बनाने का नक्शा पास था शेष 18कमरें अवैध रूप से बनाये गए थेl होटल में अंदर प्रवेश करने का केवल एक ही दरवाज़ा था और ऊपरी सभी मंजिलों का रास्ता उसी जरवाज़े से हो कर जाता थाl हालांकि वहाँ आस पास के नागरिकों ने बचाओ कार्य में मदद की और होटल के बाहर कई मोटे मोटे गद्दे ज़मीन पर बिछा दिए जिससे ऊपर की मंजिलों में रह रहे कई लोगों ने कूद – कूद कर अपनी जान बचाईl लोगों ने बताया की इस भयंकर आग की सुचना प्राप्त होने के डेढ़ घंटे बाद “फायर टेंडर” पहुँचे तब तक काफी बड़ा नुकसान हो चूका था और 21 लोगों की जाने जा चुकि थीl मीडिया में इस अग्नि कांड के बारे में काफी शोर मचने पर दिल्ली सरकार के अलग-अलग विभाग अपनी जिम्मेवारी एक दूसरे के ऊपर डाल रहें हैं और एक दूसरे को इसका दोषी ठहराह रहें हैंl दिल्ली विकास प्राधिकरण इसके लिए दिल्ली नगर निगम को दोषी ठहराह रहा है तो नगर निगम ट्यूरिस्ट विभाग पर दोष डाल रहा है और ये सभी मिलकर अग्नि शामक विभाग के सिर दोष मंड रहें हैंl जबकि अग्नि शामक विभाग यह कहता आ रहा है कि राजधानी दिल्ली की सैकड़ो संकीरी गलियों में अवैध निर्माण हो रहें हैं जहाँ “फायर टेंडर” का पहुंचना तक संभव नहीं हैl इसमें दो राय नहीं की राजधानी दिल्ली में बेशुमार तंग गलियों में अवैध निर्माण लाखो की संख्या में हो रहें हैं जिन्हें राजनेताओं और विभिन्न सम्बंधित सरकारी विभागों का संरक्षण प्राप्त है और जिन से ऐसे अवैध कामों को चलने के लिए लाखो की रिश्वत हर महीने उगाई जाती हैl विश्वगुरु बनने की कल्पना करने वाले देश की राजधानी इस तरह की अनियमिताओं और अवैध निर्माणों से घिरी पड़ी हैl कई सरकारें आयी और चली गयीं लेकिन राजधानी की यह अवैधता न केवल वैसे ही मजबूती से खड़ी है बलिक इस अवैद्धता की संख्या निरन्तर बढ़ती चली जा रही हैl बीते दिन इस होटल अग्नि कांड में 14 विदेशियों सहित जो 21 लोग जिन्दा जलकर मरें हैं यह कोई घटना नहीं अपितु हत्या कांड है और इन सामूहिक हत्याओं की जिम्मेदारी राजनेता और व्यवस्था की ही हैl इससे पहले भी राजधानी दिल्ली में ऐसे ही अवैध निर्माणों के बीच 768 लोग जिन्दा जलें हैं उनकी हत्याएं भी राजनीति और प्रबंधक व्यवस्था की सांठ गांठ से ही हुई है ऐसे दोषी लोगों पर हत्याएं करने के मामले दर्ज करके हत्यारों वाली सजा ही देनी चाहिएl

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