एनएसएस शिविर के सातवें दिन जरूरतमंद बच्चों को किया भोजन वितरण

मोहन नगर स्थित आईटीएस (स्नातक परिसर) में 19 मार्च से प्रारंभ सात दिवसीय एनएसएस शिविर के सातवें दिन 30 मार्च को संस्थान एवं एनएसएस इकाई के स्वयंसेवकों द्वारा गरीब व वंचित बच्चों को भोजन के पैकेट वितरित किए गए। आईटीएस एजुकेशन ग्रुप के चेयरमैन डॉ. आर.पी. चड्ढा एवं वाइस चेयरमैन अर्पित चड्ढा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए एनएसएस शिविर की सराहना की। उन्होंने एनएसएस टीम को बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़ने वाला प्रत्येक विद्यार्थी श्रम के महत्व को समझता है, अपने व्यक्तित्व को निखारता है तथा दूसरों से श्रेष्ठ बनता है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि निरंतर मेहनत और प्रयास से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। कार्यक्रम के संचालक डॉ. अमित शर्मा ने बताया कि एनएसएस इकाई के स्वयंसेवकों द्वारा वसुंधरा क्षेत्र में समाज के वंचित वर्ग के बच्चों एवं उनके परिवारों को “आओ मिलकर भूख मिटाएं” संदेश के साथ भोजन के पैकेट वितरित किए गए। आईटीएस की प्राचार्या (स्नातक परिसर) डॉ. नैंसी शर्मा ने कहा कि एनएसएस से छात्रों में समाज सेवा की भावना विकसित होती है। शिविरों में भाग लेने से छात्रों के व्यक्तित्व में निखार आता है तथा ऐसे शिविर जागरूकता के लिए मील का पत्थर सिद्ध होते हैं। उन्होंने प्रेरणादायक पंक्तियाँ सुनाते हुए कहा—
“मिलते नहीं सहज ही मोती गहरे पानी में,
बढ़ता दुगुना उत्साह इसी हैरानी में।
मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।”
उन्होंने समाज में फैली बुराइयों को दूर करने के लिए सभी को एकजुट होने का आह्वान किया तथा छात्रों से शिविर में सीखी गई बा/तों को जीवन में अपनाने की अपील की।
राष्ट्रीय सेवा योजना को व्यक्तित्व विकास का सशक्त मंच बताते हुए उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से छात्रों का चतुर्मुखी विकास होता है तथा उनमें सामाजिक मूल्यों एवं संवेदनशीलता का विकास होता है।
इस अवसर पर संस्थान के शिक्षक एवं कर्मचारीगण, जिनमें डॉ. अमित शर्मा, डॉ. नीरज कुमार जैन, डॉ. अनुभव श्रीवास्तव, विकास त्यागी, डॉ. संदीप गर्ग, प्रो. विकास कुमार, प्रो. आदिल खान, प्रो. प्रशांत त्यागी सहित बीबीए एवं बीसीए पाठ्यक्रमों के लगभग 100 छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।



