केपी गुप्ता को मिली डॉक्टरेट की उपाधि, मोतियाबिंद के 18,750 आपरेशन कराकर लौटाई रोशनी

गाजियाबाद। समाजसेवी कांती प्रसाद (केपी) गुप्ता सोक्रेट्स सोशल रिसर्च यूनिवर्सिटी ने डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया। यह सम्मान उनके अथक सेवा कार्यों और जनहित में दिए योगदान के लिए दिया गया। केपी गुप्ता वैसे तो बिल्डर हैं लेकिन उन्होंने जीवन भर समाज की बुनियाद को मजबूत करने वाले कार्य किए हैं। उन्होंने अब तक 18,750 से अधिक गरीबों का नि:शुल्क मोतियाबिंद आॅपरेशन कराकर उनकी आंखों की रोशनी लौटाई है। यह कार्य उन्होंने बिना किसी सरकारी सहायता के, केवल समाज कल्याण की भावना से प्रेरित होकर किया है। केपी गुप्ता का मानना है कि पैसा कमाना सफलता है, लेकिन उसे जरूरतमंदों पर खर्च करना असली सार्थकता है। इसी सोच को लेकर उन्होंने डासना क्षेत्र में लायंस क्लब कविनगर के माध्यम से केपी ग्रुप हॉस्पिटल का निर्माण आरंभ किया है, जहां आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं नि:शुल्क प्राप्त कर सकेंगे। आपातकालीन रक्तदान हो, वृद्धों की देखभाल, महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी पहल हो या फिर स्वच्छता अभियान हर मोर्चे पर उनकी सहभागिता नि:स्वार्थ रही है। उनकी इसी कर्मशीलता और सेवा समर्पण को देखते हुए उन्हें इंटरनेशनल कर्मशील अवॉर्ड 2025 से भी सम्मानित किया गया है, जो वैश्विक स्तर पर सामाजिक सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है। केपी गुप्ता कहते हैं सम्मान से ज्यादा संतोष तब मिलता है जब किसी गरीब मरीज की आंखों में इलाज के बाद रोशनी लौटती है या कोई बेसहारा बुजुर्ग दुआ देता है। वे न केवल चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में, बल्कि शिक्षा, पर्यावरण और मानवाधिकार जैसे क्षेत्रों में भी बराबर सक्रिय हैं।



