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टीबी मुक्त भारत अभियान के लिए जरूरी है रोगियों की जल्दी पहचान और उपचार : सीएमओ

हापुड़। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के मौके पर दस्तोई रोड स्थित संयुक्त जिला चिकित्सालय में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में क्षय रोग विभाग की ओर से स्टॉल लगाकर क्षय रोग के बारे में जानकारी दी गई। शिविर में आए रोगियों को पैम्फलेट्स और पोस्टर वितरित करने के साथ ही टीबी के लक्षणों के बारे में बताया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डा. सुनील कुमार त्यागी ने क्षय रोग विभाग द्वारा लगाई गई स्टॉल का निरीक्षण किया। उन्होंने स्टॉल पर मौजूद क्षय रोग विभाग के कर्मचारियों को टीबी के लक्षण और टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की विस्तार से जानकारी देने के निर्देश दिए। सीएमओ ने कहा – प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के लिए क्षय रोगियों की जल्दी पहचान और तत्काल उपचार शुरू करना आवश्यक है।
क्षय रोग विभाग के स्टॉल पर मौजूद जिला पीपीएम समन्वयक सुशील चौधरी और टीबीएचवी हरिश्चंद्र ने बताया – दो सप्ताह से अधिक खांसी, खांसी में बलगम या खून आना, सीने में दर्द, शाम के समय बुखार और रात में सोते समय पसीना आना, वजन कम होना या थकान रहना, यह सब टीबी के लक्षण हो सकते हैं। इनमें से कोई भी लक्षण आने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर टीबी की जांच अवश्य कराएं। जांच में टीबी की पुष्टि होने पर सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर उपचार की व्यवस्था है और साथ ही सरकार की ओर से हर रोगी को उपचार जारी रहने तक बेहतर पोषण के लिए निक्षय पोषण योजना के तहत पांच सौ रुपए की राशि दी जाती है। यह राशि सीधे रोगी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।
शिविर में मूक-बधिर बच्चों की भी हुई जांच, लखनऊ में होगी सर्जरी
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के मौके पर संयुक्त जिला चिकित्सालय में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में मूक-बधिर बच्चों की भी जांच हुई। डीईआईसी मैनेजर डा. मयंक चौधरी ने बताया – राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत जनपद के 18 मूक-बधिर बच्चों को जांच के लिए संयुक्त जिला चिकित्सालय में आयोजित शिविर में बुलाया गया था। विनायक हॉस्पिटल, लखनऊ से आई टीम ने इन बच्चों की जांच की और आठ बच्चों को कॉक्लेयर इंप्लांट सर्जरी के लिए चुन लिया।
उन्होंने बताया कि विनायक हॉस्पिटल, लखनऊ और मल्होत्रा फाउंडेशन, कानपुर स्वास्थ्य विभाग से साथ मिलकर मूक-बधिर बच्चों के लिए काम कर रही हैं। आरबीएसके के अंतर्गत इन बच्चों की लखनऊ ले जाकर सर्जरी कराई जाएगी। बच्चों की जांच के दौरान डा. मयंक चौधरी के साथ ईएनटी सर्जन डा. मोहिनी सिंह भी मौजूद रहीं। टीम के साथ पहुंचे विनायक हॉस्पिटल के पीआरओ जोगेंद्र सागर ने बताया- बच्चों की कॉक्लेयर इंप्लांट सर्जरी डा. रोहित भाटिया और करण भाटिया की टीम करेगी।

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