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हक की बात-जिलाधिकारी के साथ कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ

  • डीएम ने महिलाओं से किया सीधा संवाद
  • मोबाइल नम्बर 7518024004 पर अपना प्रश्न व्हाट्सअप मैसेज द्वारा भेज कर किया गया संवाद
  • कार्यक्रम में जूम एप एवं यूट्यूब चैनल के माध्यम से लगभग 800 प्रतिभागी हुए सम्मिलित हुए
  • 50 प्रतिभागी सभागार में उपस्थित रहे
    गाजियाबाद।
    जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह द्वारा कलेक्ट्रेट के महात्मा गांधी सभागार में महिलाओं तथा बच्चों की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वालम्बन के लिये मिशन शक्ति 3.0 के अन्तर्गत हक की बात- जिलाधिकारी के साथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी ने महिलाओं से संबंधित यौन हिंसा, लैंगिक असमानता, घरेलू हिंसा, कन्या भ्रूण हत्या, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न तथा दहेज हिंसा आदि के संबंध में संरक्षण, सुरक्षा तंत्र, सुझावों, सहायता के संबंध महिलाओं से सीधा संवाद किया। जूम एप एवं यूट्यूब चैनल के माध्यम से लगभग 800 प्रतिभागी सम्मिलित हुए व लगभग 50 की संख्या में प्रतिभागी सभागार में उपस्थित रहे। 42 प्रतिभागीयों के द्वारा जूम एप के माध्यम से जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी से महिलाओं की सुरक्षा, स्वालम्बन के साथ ही महिलाओं के प्रति हो रही उत्पीड़न की घटनाओं व बालिकाओं की शिक्षा के सम्बन्ध में अपने प्रश्न रखे गए जिनका जिलाधिकारी द्वारा समाधान किया गया। इस सम्बन्ध में शासन प्रशासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के सम्बन्ध में जानकारी भी दी गई। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने महिलाओं के साथ सीधा संवाद करते हुए उनकी समस्याओं को सुना और अधिकारियों को मौके पर समस्याओं के निस्तारण के संबंध में निर्देशित किया। कुछ महिलाओं ने इंटरनेट एप के जरिए व मोबाइल पर एसएमएस के जरिए अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के सम्मुख रखीं जिनका निवारण तुरंत ही जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को करने के लिए निर्देशित किया। इस अवसर पर इनमें से कई महिलाओं द्वारा कुछ सुझाव भी जिलाधिकारी को दिए गए जिसमें महिला अध्यापिका ने जिलाधिकारी को सुझाव दिया कि बहुत ही कम शैक्षिक संस्थानों द्वारा शैक्षिक भ्रमण कराया जाता है। ये सुझाव खासा दिलचस्प था, दूसरी ओर एक पोलिंग पार्टी की कार्यकर्ता ने कहा कि पोलिंग के समय उनकी ड्यूटी दूर दराज के इलाकों में लगाई जाती है, मगर रात में विश्राम के लिए महिलाओं को कोई खास सुविधा नहीं दी जाती है। इन दोनों सुझाव पर जिलाधिकारी ने महिलाओं को आश्वस्त किया कि इन प्रकरणों पर विचार कर जल्द ही इनपर कार्रवाही की जानी सुनिश्चित की जाएगी। इस अवसर पर अपनी-अपनी परेशानी लेकर आई महिलाओं ने इस कार्यक्रम की तारीफ की। पीड़ित महिलाओं ने कहा कि वो अपनी-अपनी परेशानियों को लेकर कई जगह गई जैसे पुलिस, प्रशासन एवं संबंधित विभाग में चक्कर लगा रही हैं मगर उनकी समस्याओं का कोई निदान नहीं हुआ। मगर जिस तरह जिलाधिकारी द्वारा हक की बात- जिलाधिकारी के साथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया उससे महिलाएं अपने मन की बात सीधा जिलाधिकारी से कर रही हैं और उन्हें उनकी परेशानियों का हल भी होता हुआ नजर आ रहा है। मुख्य विकास अधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क स्थापित की गई है जहाँ पर कोई भी महिला अपनी समस्याओं की शिकायत कर सकती है जिसका निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाता है। उन्होंने बताया कि सभी स्कूलों में पिंक बॉक्स की स्थापना कराई गई है जिनमें कोई भी छात्रा अपने साथ होने वाले असंगत घटना एवं व्यवहार की शिकायत डाल सकती है। पिंक बॉक्स को खोलकर उसकी शिकायतों को निकाला जाता है तथा समाधान की कार्यवाही की जाती है। इस अवसर पर निधि मलिक सेंटर मैनेजर वन स्टाप सेंटर के द्वारा वन स्टाप सेंटर की कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई और अवगत कराया गया कि किसी भी प्रकार की हिंसा से पीडित कोई भी महिला वन स्टॉप सेंटर में लिखित में अथवा महिला हेल्प लाईन के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है। कार्यक्रम के अन्त में जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चंद्र द्वारा महिला कल्याण विभाग की योजनाओं यथा निरश्रित महिला पेंशन, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, उ.प्र. मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी रजनीश कुमार पाण्डेय एवं महिला कल्याण विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन शिक्षा विभाग की पूनम शर्मा द्वारा किया गया।

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