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नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की अर्द्धवार्षिक बैठक आयोजित

गाजियाबाद। हमारी राजभाषा हिंदी पूर्णरूप से डिजीटलकृत हो चुकी है। सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों/डिवाइसों को काफी पहले से ही हिंदी भाषा प्रचालित/आपरेट किया जा रहा था। लेकिन एक कदम और बढ़ाकर, वैश्विक महामारी कोरोनावाइरस के दौर में राजभाषा हिंदी आनलाइन बैठकों, परिचर्चाओं, संगोष्ठि के माध्यम से विश्व पटल पर छा चुकी है। इसी क्रम में अल्ट सेंटर गाजियाबाद में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (उपक्रम) की अर्द्धवार्षिक बैठक का आॅनलाइन आयोजन किया गया। नराकास (उपक्रम) की यह अर्द्धवार्षिक बैठक नराकास अध्यक्ष एवं एएलटी सेंटर के मुख्य महाप्रबंधक अरुण कुमार शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस आॅनलाइन बैठक में महाप्रबंधक एएलटी सेंटर के देवी प्रसाद, मोहन सिंह, नरेन्द्र सिंह मेहरा, संजय श्रीवास्तव, अनूप कुमार राय, एच.एच. मेहतो पावरग्रिड कॉरपोरेशन मंडोला, रजत गर्ग, अपर महाप्रबंधक सैंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स, सुखवीर सिंह, प्रधान महाप्रबंधक भारत संचार निगम लि. गाजियाबाद, विकास गुप्ता, वरिष्ठ शाखा प्रबंधक राष्ट्रीय इस्पात निगम, ओमवीर सिंह, उप प्रबंधक भारत पेट्रोलियम, हेमंत कुमार रावत, उप प्रबंधक, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, एसएन शर्मा, मुख्य संयंत्र प्रबंधक इंडियन आॅयल, सुभाष चन्द, वरिष्ठ प्रबंधक ओरियंटल इंशोरेंस तथा नराकास (उपक्रम) के सदस्य सचिव ललित भूषण तथा कई अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। इस संबंध में नराकास (उपक्रम) गाजियाबाद के अध्यक्ष अरुण कुमार शर्मा ने बताया कि इस अवसर पर कार्यालयों में राजभाषा के कामकाज की समीक्षा की गई तथा आगामी महीनों के लिए आॅनलाइन प्रतियोगिताएं, संगोष्ठियां तथा कार्यक्रम निश्चित किए गए। उल्लेखनीय है कि नराकास (उपक्रम) गाजियाबाद द्वारा अधिकारियों एवं कर्मचारियों में हिंदी के प्रति रुझान बढ़ाने तथा छिपी हुई प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए समय-समय पर इस प्रकार की प्रतियोगिताएं तथा विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। इस अवसर पर नराकास उपक्रम गाजियाबाद की गृहपत्रिका ‘स्पंदन’ का भी विमोचन किया गया। 60 पृष्ठों की इस पत्रिका का ई—अंक राजभाषा विभाग के ई—पुस्तकालय पर भी देखा जा सकता है। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के महाप्रबंधक संजय श्रीवास्तव ने कहा कि आज वैश्विक माहमारी के प्रकोप के कारण बैठक संभव नहीं थी किंतु संचार तकनीक की सहायता से हम सभी को एकत्र होने का अवसर मिला है। राजभाषा के प्रचार—प्रसार हेतु किए जाने वाले प्रत्येक कार्य को करने के लिए तत्पर रहते हैं तथा राजभाषा हिंदी को और अधिक समृद्ध बनाने के लिए भी कृत—संकल्प हैं। महाप्रबंधक देवी प्रसाद ने कहा कि किसी भाषा का डिजीटलीकरण उस भाषा को सर्वग्राह्य बनाता है। हिंदी में वह सार्मथ्य है कि वह आज की तकनीकी के साथ अपना सामंजस्य बैठा रही है। यही कारण है कि हिंदी भाषा हर क्षेत्र में अपना प्रभाव जमा रही है। सरकारी कामकाज में भी हमें हिंदी का अधिक से अधिक प्रयोग करना है। राजभाषा विभाग के नियमानुसार नराकास (उपक्रम) की वर्ष में दो बैठकें की जाती हैं। कार्यक्रम का संचालन श्री ललित भूषण, सदस्य सचिव, नराकास द्वारा किया गया।

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