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सीएमओ ने उखलारसी के प्राइमरी स्कूल से किया एनडीडी अभियान का शुभारंभ

  • एक से 19 वर्ष तक के बच्चों-किशोरों को खिलाई गई एल्बेंडाजोल
    गाजियाबाद। जनपद में बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय कृमि मुक्त दिवस ( नेशनल डीवॉर्मिंग डे झ्रएनडीडी) का आयोजन किया गया। इस खास दिवस के आयोजन का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डा. भवतोष शंखधर ने मुरादनगर ब्लॉक के उखलारसी स्थित प्राइमरी स्कूल में बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाकर किया। पेट के कीड़े (कृमि) निकालने के लिए यह गोली एक से 19 वर्ष तक के बच्चों और किशोरों को वर्ष में दो बार खिलाई जाती है। बेहतर स्वास्थ्य के लिए 2015 से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत 10 फरवरी और 10 अगस्त को एनडीडी का आयोजन किया जाता है। सीएमओ डा. भवतोष शंखधर ने बताया कि जिले में एक से 19 वर्ष तक के 16.60 लाख से अधिक बच्चों और किशोरों को पेट के कीड़े निकालने वाली दवा खिलाने का लक्ष्य है, बृहस्पतिवार को एनडीडी पर 10.79 लाख से अधिक बच्चों और किशोरों को गोली खिलाई गई। जनपद के समस्त सरकारी, अर्ध सरकारी, प्राइवेट एवं समस्त आंगनबाड़ी केन्द्रों पर एक से 19 वर्ष तक के बच्चों और किशोरों को एल्बेंडाजोल की टेबलेट खिलाई गई। सीएमओ ने बताया कि दवा खाने से वंचित रह गए लाभार्थियों को 17 अगस्त को मॉपअप राउंड आयोजित कर कवर किया जाएगा। उन्होंने कहा – पेट के कीड़े (कृमि) बच्चों को दिया जाने वाला पोषण चट कर जाते हैं, इसलिए बच्चे कमजोर होने लगते हैं, कई बच्चों में खून की कमी (एनीमिया) हो जाती है। इसलिए हर छह माह पर एल्बेंडाजोल की गोली लेनी जरूरी होती है। कार्यक्रम के शुभारम्भ के अवसर पर उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रविंद्र कुमार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश तेवतिया, मेडिकल आॅफिसर डॉ. नवनीत कौशिक, जिला कार्यक्रम प्रबंधक अनुराग भारती, डीईआईसी मैनेजर विकास और जिला कोआॅर्डिनेटर सोनल त्यागी आदि मौजूद रहे।
    कृमि संक्रमण के लक्षण :
  • पेट में दर्द।
  • दस्त, मितली या उल्टी आना।
  • कमजोरी और थकान महसूस होना।
  • बिना कारण वजन कम होना।
  • भूख अधिक या न लगना।
  • मुंह से बदबू आना।
    कृमि संक्रमण से बचाव :
  • स्वच्छ शौचालय का प्रयोग करें।
  • खुले में शौच न जाएं।
  • खाने से पूर्व और शौच के बाद हाथ अच्छे से धोएं।
  • चप्पल – जूते पहनकर ही घर से बाहर निकलें।
  • फल और सब्जियां अच्छी तरह से धोकर इस्तेमाल करें।
  • ठीक से पका हुआ भोजन ही करें।

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