गाजियाबाद

आई.टी.एस. मोहननगर में कैंपस कॉलिंग पॉश जागरूकता कार्यशाला आयोजित

गाजियाबाद। राष्ट्रीय महिला आयोग के सहयोग से तथा युवामंथन के संयुक्त तत्वावधान में आई.टी.एस. यूजी कैंपस, मोहननगर में कैंपस कॉलिंग पॉश अवेयरनेस वर्कशॉप का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य छात्रों के बीच कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम अधिनियम, लैंगिक संवेदनशीलता, सुरक्षा उपायों तथा महिला सशक्तिकरण से संबंधित नीतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
आई.टी.एस. ग्रुप आॅफ इंस्टीट्यूशन्स के वाइस चेयरमैन अर्पित चड्ढा ने अपने संदेश में कहा कि कोई भी संस्थान तभी प्रभावी और सफलतापूर्वक कार्य कर सकता है जब वहाँ का वातावरण केवल भौतिक रूप से ही नहीं, बल्कि समानता, सद्भाव, नैतिक मूल्यों और पारस्परिक सम्मान से भी परिपूर्ण हो। उन्होंने कहा कि आई.टी.एस. कैंपस को इस बात पर गर्व है कि संस्थान की स्थापना के समय से ही यहाँ ऐसा सकारात्मक और सम्मानजनक वातावरण बनाए रखा गया है। साथ ही उन्होंने छात्रों को भी प्रेरित किया कि वे भविष्य में जहाँ भी कार्य करें, वहाँ इसी प्रकार का सुरक्षित, सम्मानजनक और नैतिक वातावरण बनाए रखने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ।
आई.टी.एस. यूजी कैंपस की प्रिंसिपल डॉ. नैंसी शर्मा ने अपने संदेश में कहा कि किसी भी संस्थान की वास्तविक सफलता सम्मानजनक और सुरक्षित कार्यस्थल के निर्माण पर निर्भर करती है। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें सदैव ऐसे वातावरण के निर्माण और उसे बनाए रखने में सक्रिय सहयोग देना चाहिए, ताकि संस्थान में समानता, सुरक्षा और पारस्परिक सम्मान की संस्कृति विकसित हो सके।
कार्यक्रम की शुरूआत स्वागत संबोधन से हुई, जिसे प्रो. कनिका टंडन, चेयरपर्सन, वुमन सेल, आई.टी.एस. यूजी कैंपस मोहननगर द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कार्यशाला के उद्देश्यों और पॉश अधिनियम के महत्व पर प्रकाश डाला। छात्रों की बेहतर समझ और व्यावहारिक ज्ञान के लिए कार्यशाला में कुछ शैक्षिक वीडियो भी प्रदर्शित किए गए, जिनमें कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से जुड़े परिदृश्य, पॉश अधिनियम के अंतर्गत अधिकार और जिम्मेदारियाँ जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल थे। इन वीडियो के माध्यम से सेमिनार हाल में उपस्थित बीबीए एवं बीसीए पाठ्यक्रम के लगभग 150 छात्रों को वास्तविक परिस्थितियों से जुड़ने और इस गंभीर विषय की महत्वता को समझने का अवसर मिला। कार्यशाला के दौरान सम्मानजनक और सुरक्षित कार्यस्थल के निर्माण के महत्व, कानूनी प्रावधानों की समझ, अनुचित व्यवहार की पहचान तथा शिकायत दर्ज कराने और समाधान की प्रक्रियाओं पर विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही छात्रों को महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं और उनके व्यावहारिक उपयोग के बारे में भी अवगत कराया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित छात्रों और संकाय सदस्यों ने पॉश शपथ ली, जिसमें उन्होंने निम्न संकल्प किए कि सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण का निर्माण करना, अनुचित व्यवहार को रोकना, पीड़ितों का समर्थन करना और घटनाओं की जिम्मेदारी से रिपोर्ट करना, लैंगिक संवेदनशीलता को बढ़ावा देने वाले जिम्मेदार नागरिक बनना है। कार्यशाला के दौरान कैंपस की एन सी डब्लू एंबेसडर खुशबू वर्मा (बीबीए तृतीय वर्ष) ने साइबर सुरक्षा के महत्व पर अपने विचार साझा किए। वहीं शुभम गर्ग (बीबीए द्वितीय वर्ष) ने अधिनियम, लैंगिक समानता तथा कैंपस में नैतिक आचरण के विषय में छात्रों को जानकारी दी। कार्यशाला छात्रों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रही, जिसने उन्हें एक सुरक्षित, सम्मानजनक और जागरूक शैक्षणिक वातावरण के निर्माण के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर आईटीएस ग्रुप आॅफ इंस्टीटूशन्स के चेयरमैन डॉ. आरपी चड्ढा, यूजी कैंपस की प्रिंसिपल प्रोफेसर (डॉ.) नैंसी शर्मा, यूजी कैंपस की एकेडेमिक डीन डॉ. विदुषी सिंह, बीबीए एचओडी प्रोफेसर आदिल खान, यूजी कैंपस वुमन सेल की चेयरपर्सन प्रो. कनिका टंडन इवेंट कोआॅर्डिनेटर्स, अध्यापक एवं भारी संख्या में छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

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