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क्राइम ब्रान्च पुलिस ने अन्तर्राज्यीय चादर गैंग के 50 हजार के इनामी सहित 3 बदमाश गिरफ्तार

गाजियाबाद। अगस्त 2024 को थाना इन्दिरापुरम क्षेत्र में अज्ञात चोरों के गिरोह द्वारा साई क्रिएशन शोरूम के शटर के आगे चादर लगाकर शोरूम का शटर उखाड़कर विभिन्न इंटरनेशनल ब्रांड की घड़ियों की चोरी की सनसनीखेज घटना कारित की गयी थी, जिसके सम्बन्ध में थाना इन्दिरापुरम पर तत्काल अभियोग पंजीकृत कर घटना के अनावरण हेतु कई टीमों का गठन किया गया था। जिसका क्राईम ब्रान्च द्वारा सफल अनावरण करते हुए 29/08/2024 को चादर गैंग घोड़ासहन बिहार के मुख्य अभियुक्तों संतोष जायसवाल व रोहित पासवान को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 46 लाख 36 हजार रुपए की कीमत की विभिन्न कम्पनियों की इंटरनेशनल ब्राण्ड की घड़ियां बरामद करने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की थी। इस गिरोह के अभी तक 12 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
उक्त क्रम में 26/02/2025 को स्वाट टीम, क्राईम ब्रान्च पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद व थाना इन्दिरापुरम पुलिस की संयुक्त कार्यवाही में उपरोक्त घटना मे वाँछित / ईनामी चादर गैंग घोडासहन के एक शातिर अभियुक्त दीपक कुमार व उसके 2 साथियों सिराज व करण को थाना इन्दिरापुरम क्षेत्र हिंडन बैराज से कनावनी पुलिया की तरफ आने वाले रास्ते पर बाद पुलिस मुठभेड़ गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता अर्जित की गयी, मुठभेड़ के दौरान अभियुक्त दीपक कुमार व सिराज पैर में गोली लगने से घायल हो गये । गिरफ्तार अभियुक्त दीपक कुमार की गिरफ्तारी पर 50,000/- रुपए का पुरस्कार घोषित था। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से उपरोक्त शोरूम से चोरी की एक अदद इंटरनेशनल ब्रांड की घड़ी जिसकी कीमत करीब 74 हजार रुपए व 2 तमंचे मय कारतूस व नाजायज चाकू बरामद हुए हैं। पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त दीपक कुमार, सिराज मियाँ व करण ने बताया कि इनका बड़े-बड़े मोबाइल व घड़ियों के शोरूम के सामने चादर लगाकर उनका शटर उखाड़कर मोबाइल व घड़ियाँ चोरी करने वाले चोरोÞ का एक संगठित गिरोह है जो पूरे देश में घूम-घूमकर अलग-अलग राज्यों में बड़ी-बड़ी चोरी की वारदातों को अंजाम देते हैं, चूँकि इनके गिरोह के सदस्यों के घर नेपाल बॉर्डर के समीप है तो ये लोग चोरियों की वारदतों को अंजाम देने के बाद छिपने व चोरी का माल बेचने के लिए नेपाल चले जाते हैं। इनके गिरोह में इनके अलावा सचिन चौधरी व प्रमोद चौधरी निवासी इनर बारी नेपाल, संतोष आसामी नेपाल, जीतन पासवान निवासी ढैंग जिला सीतामढ़ी बिहार, जीतन उर्फ जितेन्द्र सहनी निवासी कौरगावाँ अटमोआन थाना जीतना जिला मोतिहारी पूर्वी चम्पारण बिहार, रोशन कुमार, राहुल पासवान, संतोष कुमार जायसवाल, रोहित कुमार पासवान, बिपत दास, राकेश, राजा व राज निवासी वार्ड नंबर-एक बीरता चौक के पास कस्बा व थाना घोड़ासहन जिला मोतिहारी पूर्वी चम्पारण बिहारका बड़े-बड़े घड़ियों/मोबाइल फोन के शोरुम में चोरी करना व चोरी के माल की खरीद फरोख्त करने का एक सगठित गिरोह है। इनके तथा इनके गिरोह के सदस्यों द्वारा करीब एक वर्ष पूर्व थाना इन्दिरापुरम क्षेत्र स्थित साई क्रिएशन शोरूम के शटर के सामने चादर लगाकर शोरूम का शटर उखाड़कर करोड़ों रूपयों की ब्राण्डेड घड़ियों की चोरी की गयी थी। अभियुक्त दीपक कुमार ने बताया कि हम लोगों का चोरी करने का एक संगठित गिरोह है, चोरी करने से पहले गिरोह को खर्चे के लिए पैसे देना और चोरी कर लाये माल को बेचने का काम दीपक व सचिन करते हैं, उपरोक्त घटना में चोरी की गयी घड़ियाँ बेचने के लिये दीपक को ही दी गयी थी जिन्हे उसने नेपाल ले जाकर बेचा था तथा उसके पास से बरामद घड़ी भी साईं क्रिएशन शोरूम से चोरी की गई घड़ियों में से एक है। जो उसने अपने इस्तेमाल के लिये रख ली थी। आज ये लोग फिर से इन्दिरापुरम क्षेत्र में चोरी की ऐसी बड़ी घटना को अंजाम देने के इरादे से इकठ्ठा हुए थे।
इनके गिरोह का जो सदस्य रैकी करता है और सबको लाकर चोरी होने तक उनका खर्चा उठाता है उसको ज्यादा हिस्सा मिलता है। घटना करने से पहले जिस शहर में घटना करनी होती है उसके आस-पास कमरा किराये पर लेते है और मजदूरी या पुताई आदि का काम करने लगते हैं। धीरे-धीरे रैकी करके जब दुकान चिन्हित कर लेते हैं फिर अपने बाकी सदस्यों को बुला लेते हैं। घटना करने से पहले अपने मोबाइल कमरे पर ही रखकर जाते हैं। घटना स्थल से कुछ पहले ही सवारी छोड़ देते हैं और पैदल जाते हैं घटना स्थल पर पहुँचकर गैंग के कुछ सदस्य रास्ते पर आगे पीछे लग जाते हैं तथा कुछ सदस्य शटर के आगे चादर तान कर खड़े हो जाते हैं और बाकी सदस्य अपने साथ लाये आला नकब से शटर उखाड़ देते हंै 2-3 लोग अन्दर घुसकर सारा सामान बैग में डाल लेते हंै और फिर चोरी करके अलग-अलग होकर थोड़ी थोड़ी दूरी बनाकर काफी दूर तक पैदल जाते हैं फिर विपरीत दिशा की सवारी लेते हैं फिर आगे उतरकर पुन: सवारी बदलकर अपने किराये के कमरे पर जाकर माल का बंटवारा करते हंै फिर अलग-अलग होकर घोड़ासहन व नेपाल चले जाते हैं। चोरी के दौरान कोड वर्ड में बात करते हंै जो लोग दुकान का शटर तोड़कर अन्दर जाते हंै उनको प्लेयर कहते हैं , दुकान के शटर के बाहर चादर लगाने को छप्पर लगाना कहते हैं तथा जो लोग बाहर सड़क पर निगरानी करते हैं उनको फील्डर कहते हैं।

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