
नई दिल्ली। पूरी दुनिया में जहां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है वहीं भारत में आठवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कर्नाटक के मैसुरु पैलेस ग्राउंड में योग किया। लगभग 15 हजार लोगों के साथ पीएम मोदी ने योग किया। ताड़ासन, त्रिकोणासन, भद्रासन जैसे आसनों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुरूआत की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि योग अब वैश्विक पर्व बन गया है। यह पार्ट आॅफ लाइफ नहीं, वे आॅफ लाइफ बन गया है।
आज योग मानव मात्र को निरोगी जीवन का विश्वास दे रहा है। हम आज सुबह से देख रहे हैं कि योग की तस्वीरें जो कुछ वर्ष पहले आध्यात्मिक केंद्रों पर दिखती थीं, वो आज विश्व के कोने-कोने में दिख रही हैं। ये साझी मानवता की तस्वीरें हैं। यह एक वैश्विक पर्व बन गया है। यह किसी व्यक्ति मात्र के लिए नहीं संपूर्ण मानवता के लिए है। इसलिए इस बार की थीम है योगा फॉर ह्यूमैनिटी है।
पीएम मोदी ने कहा कि वे योग को दुनिया में पहुंचाने के लिए यूनाइटेड नेशंस का धन्यवाद करते हैं। योग के लिए हमारे महर्षियों, ऋषियों और आचार्यों ने कहा है कि योग हमारे लिए शांति लाता है। यह हमारे देश और विश्व के लिए शांति लाता है। यह पूरा विश्व हमारे शरीर में है। यह हर चीज को सजीव बनाता है। योग हमें सजग, प्रतिस्पर्धी बनाता है। यह लोगों और देशों को जोड़ता है। यह हम सभी के लिए समस्या का समाधान बन सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश आजादी की 75वीं सालगिरह मना रहा है। ऐसे में देश के 75 ऐतिहासिक केंद्रों पर एक-साथ योग किया जा रहा है। यह भारत के अतीत को भारत की विविधिता को एक सूत्र में पिरोने जैसा है। दुनिया के अलग-अलग देशों में सूर्योदय के साथ लोग योग कर रहे हैं। जैसे-जैसे सूर्य आगे बढ़ रहा है उसकी प्रथम किरण के साथ लोग अलग-अलग देशों में लोग साथ जुड़ते जा रहे हैं। यही गार्डियन रिंग आॅफ योगा है। दुनिया के लोगों के लिए योग सिर्फ ‘पार्ट आॅफ लाइफ’ नहीं है बल्कि अब ‘वे आॅफ लाइफ’ बन रहा है। हमने देखा है कि हमारे यहां घर के बड़े, हमारे योग साधक दिन के अलग-अलग समय में प्राणायाम करते हैं, फिर दोबारा काम शुरू करते हैं।



