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आत्मनिर्भर भारत कार्यक्रम के तहत डीएम ने ली बैठक

  • लाभार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने के आदेश
  • जनपद में 34124 लाभार्थियों को इस योजना का मिला लाभ
  • लाभार्थियों से आह्वान, प्रथम ऋण किया वापस दूसरी 20000 के ऋण के लिए करें आवेदन
  • 50847 लाभार्थियों को प्रदान किया जाएगा लाभ
    गाजियाबाद।
    सरकार की प्रधानमंत्री स्व:निधि योजना के तहत लाभार्थियों को अधिकतम एवं सरलता के साथ लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने आज कलेक्ट्रेट के महात्मा गांधी सभागार में डूडा विभाग के अधिकारियों एवं बैंकर्स के साथ महत्वपूर्ण बैठक करते हुए स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि सरकार के महत्वपूर्ण कार्यक्रम आत्मनिर्भर भारत के तहत प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना रेहड़ी पटरी वालों के लिए महत्वपूर्ण योजना है जिसके माध्यम से उन्हें प्रथम किश्त के रूप में 10000 का ऋण बैंकर्स के द्वारा उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाती है और जिन लाभार्थियों के द्वारा 10000 का ऋण वापस करने पर उन्हें 20000 का ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था है ताकि सभी रेहड़ी पटरी वाले अपने रोजगार को आगे बढ़ाकर आत्मनिर्भर बन सकें। सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत जनपद गाजियाबाद में 50847 लाभार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके सापेक्ष 39516 लाभार्थियों के आवेदन आॅनलाइन प्राप्त हुए हैं और वर्तमान तक इस योजना के तहत 34124 लोगों को लाभ पहुंचाया गया है। जिलाधिकारी ने इस अवसर पर सभी बैंकर्स का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार के आत्मनिर्भर भारत कार्यक्रम में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के माध्यम से लाभार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका है। सभी बैंकर्स सरकार के इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम की महत्ता को गहनता के साथ समझे और जिन लाभार्थियों के आॅनलाइन आवेदन प्राप्त हो रहे हैं उन पर तत्काल निर्णय लेते हुए ऋण स्वीकृत करने की कार्रवाई आगे बढ़कर करें ताकि सभी लाभार्थियों को इस योजना का भरपूर लाभ मिल सके और जनपद के रेहड़ी पटरी वाले अपने को आत्मनिर्भर बना सकें। बैठक में जिला अधिकारी ने यूनियन बैंक आॅफ इंडिया के अधिकारियों द्वारा इस योजना में सहयोग न करने पर तथा प्राप्त हो रहे आवेदन पत्रों में ऋण स्वीकृत न करने के सापेक्ष संबंधित बैंक में सरकारी खाते बंद कराने की चेतावनी दी गई है। ज्ञातव्य हो कि संबंधित बैंक के वरिष्ठ अधिकारी भी इस बैठक में उपस्थित नहीं हुए जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि जिन लाभार्थियों के द्वारा 10000 का ऋण बैंक को वापस किया जा चुका है उनके लिए 20000 का ऋण स्वीकृत कराने की कार्यवाही डूडा विभाग के अधिकारियों एवं बैंकर्स के द्वारा आपसी सामंजस्य स्थापित करते हुए तत्परता के साथ सुनिश्चित कराई जाए ताकि इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ सभी जनपद के रेहड़ी पटरी वाले लाभार्थियों को आसानी से लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने इस अवसर पर ऐसे लाभार्थी जिनके द्वारा 10000 का ऋण वापस कर दिया गया है और उन्होंने अभी तक 20000 का ऋण प्राप्त करने के लिए अपना आवेदन आॅनलाइन नहीं किया है वह तत्काल अपना आवेदन आॅनलाइन कर सकते हैं ताकि उन्हें इस योजना के तहत दूसरी किस्त उपलब्ध कराई जा सके। आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में परियोजना अधिकारी डूडा संजय कुमार अन्य अधिकारी गण लीड बैंक अधिकारी तथा बैंकर्स के द्वारा प्रतिभाग किया गया।

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