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वैडिंग मैनेजमेंट एसोसिएशन ने सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन, रात्री कर्फ्यू का समय घटाने व समारोह में 200 लोगों की अनुमति की मांग

गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण के चलते की जा रही पाबंदियों का रोजगार पर बुरा असर पड़ रहा है। एक तरफ जिंदगी बचाने को लेकर जद्दोजहद है तो दूसरी तरफ रोजगार के खत्म होने का डर है। इन दोनों के बीच ही सामंजस बैठाने की जरूरत है। इसके लिए कुछ दुकानदारों ने सुझाव भी दिए हैं। वैडिंग मैनेजमेंट एसोसिएशन ने जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे अपने पत्र में कहा है कि कोविड के चलते रात्रीकालीन कर्फ्यू की समय सीमा बढ़ा दी गई है। इससे रोजगार पर बुरा असर पड़ रहा है। रात्री आठ बजे से सुबह सात बजे तक कर्फ्यू लगाने से हजारों-लाखों लोगों की आजीविका पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। पत्र में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया है कि शादी जैसे धार्मिक अनुष्ठान वर्ष में केवल 40 से 50 दिन के शुभ मुहुर्त पर आधारित होते हैं जो कि धार्मिक पंचांग पर आधारित हैं। कोविड-19 के चलते टैंट हाउस, बैंक्वेट हॉल, फार्म हाउस, कैटरर्स एवं इससे संबंधित कार्य करने वाले सभी व्यापारी व कर्मचारी गत 22 र्माच 2020 से लेकर अब तक पूरी तरह शादी-समारोह के कार्य नहीं कर पाए हैं। एक वर्ष तक कार्य नहीं होने के कारण हमारे और हमारे कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति बहुत दयनीय हो गई है। आज हम फिर उसी दौराहे पर खड़े हैं जहां 22 मार्च 2020 में लॉकडाउन लगने के पश्चात हमारी अप्रैल, मई, जून की शादी व अन्य समारोह रद्द हो गए थे। अब फिर वष 2021 में अप्रैल, मई, जून की शादी व अन्य समारोह कैंसिल हो रहे हैं अथवा 50-100 व्यक्तियों के लिए कोरोना गाइडलाइन के तहत कार्य करने को मजबूर हैं। ज्ञापन में अवगत कराया गया है कि हमारे सभी प्रकार के खर्चे पहले की भांति चल रहे हैं, जैसे स्टाफ खर्व, बिजली के बिल, सभी प्रकार के टैक्स व सभी प्रकार का किराया आदि शामिल है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि नवरात्रों के समय व 22 अप्रैल से जून माह तक शादी-समारोह आयोजित होने हैं, इन धार्मिक व सामाजिक कार्यों को ध्यान में रखते हुए हमारे कार्य में आ रही कठिनाइयों को दूर किया जाए। उन्होंने मांग की है कि शादी-समारोह के लिए दो व्यक्तियों की अनुमति प्रदान की जाए, खुले स्थान पर दो सौ से अधिक व्यक्तियों की क्षेत्रफल के आधार पर अनुमति दी जाए। शादी व अन्य समारोह में अनुमति लेने की प्रक्रिया को समाप्त किया जाए। केवल आॅनलाइन सूचना का प्रावधान पहले की तरह किया जाना चाहिए। शादी व अन्य समारोह के लिए रात्रीकालीन कर्फ्यू में समय सीमा बढ़ाकर 11 बजे कर दी जाए व शादी के कार्ड को ही कर्फ्यू पास की मान्यता दी जाए। शादी व अन्य समारोह में माल ढोने वाले वाहनों को अति आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी में रखते हुए रात्री के समय न रोका जाए। ज्ञापन देने वालों में अशोक चावला, वरिष्ठ उपाध्यक्ष तिलकराज रहेजा, विवेक मोहन, मुकेश त्यागी, अतुल सिंघल, देशराज आहूजा, मोनू त्यागी, सौरभ अग्रवाल, सुधीर शर्मा, अशोक बाटला, सुखविंदर सिंह, संजय सतीशा आदि मौजूद रहे। सभी जिला प्रशासन को भरोसा दिलाया है कि वे कोविड गाइडलाइन का पूरी तरह पालन करेंगे।

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