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भ्रामरी प्राणायाम दिलाएगा कोरोना काल में तनाव से मुक्ति: योगाचार्य मनोज कुमार

गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने जहां लोगों को अपनी चपेट में ले रचाा है वहीं दूसरी ओर मानसिक शांति को भी समाप्त कर दिया है। मानसिक रूप से अपने आपको कैसे चिंता मुक्त और शांत रखें इसी के विषय में बात करते हुए अंतर्राष्ट्रीय योग गुरु मनोज कुमार बताते हैं कि इस विपरीत परिस्थिति में लोगों का शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य भी बिगड़ता जा रहा है। स्पेन में भारतीय दूतावास के पूर्व योग शिक्षक मनोज कुमार ने कहा कि सभी लोग तनावपूर्ण जीवन बिताने के लिए मजबूर हो रहे हैं। शारीरिक और मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए एकमात्र उपाय योग है। प्राणायाम की बात करते हुए वह बताते हैं कि कोरोना काल में तनाव से मुक्ति दिलाने के लिए भ्रामरी प्राणायाम एकमात्र साधन है। इस प्राणायाम को सूर्योदय और सूर्यास्त दोनों समय किया जा सकता है। इसे करने के लिए सबसे पहले आप किसी शांत वातावरण में सुखासन में बैठ जाएं। अब आपको अपने हाथों की उंगलियों को चेहरे पर इस तरह से रखना है, भुजाओं को बगल में उठाकर कोहनियों को मोड़ लें और हाथों को कानों के निकट ले आएं, तर्जनी या मध्यमा उंगलियों से कानों को बंद कर लें, उंगलियों को बिना अंदर घुसाए कानों के पल्लों को दबाया जा सकता है। अब नाक से सांस लें, थोड़ा सा रुकें , अब सांस छोड़ते हुए मधुमक्खी के भिनभिनाना जैसी ध्वनि निकाले, यह प्रणाम करते हुए ध्यान रखें कि आपका मुंह बंद रहे और नाक से ही सांस लें और छोड़ेें यह प्रणाम 5 से 10 बार किया जा सकता है। यह प्राणायाम तनाव से मुक्ति दिलाता है। इसके करने से क्रोध, चिंता और अनिद्रा भी दूर होती है। इसके करने से रक्तचाप की समस्या भी दूर होती है। यह वाणी को सुंदर और सशक्त बनाता है और गले के रोगों को दूर करता है, इस प्राणायाम के निरंतर अभ्यास से शरीर में हल्कापन और स्फूर्ति उत्पन्न होती है।
-योगाचार्य मनोज कुमार
पूर्व योग शिक्षक, भारतीय दूतावास स्पेन
9891591142

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