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प्लाज्मा कब,क्यों व कैसे? पर गोष्ठी सम्पन्न

-एक प्लाज्मा दो व्यक्तियों को जीवन दे सकता है: अनिल मित्रा
-मानव जीवन सेवा के लिये बना है: अनिल आर्य

गाजियाबाद। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के तत्वावधान में (प्लाज्मा कब,क्यों, कैसे विषय पर आॅनलाइन जूम पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। यह परिषद का कोरोना काल मे 217 वां वेबिनार था। मुख्य अतिथि अनिल मित्रा ने बताया कि वह लगभग 100 बार रक्तदान कर चुके हैं और दो बार प्लाज्मा भी दिया है। उन्होंने बताया कि प्लाज्मा अवश्य दान देना चाहिए इससे दो या तीन लोगों का जीवन बचता है। कोरोना के इलाज में प्लाज्मा थेरेपी के उपयोग और इससे जुड़ी भ्रांतियों के बारे में सटीक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि कोरोना के गंभीर रोगियों को यदि हॉस्पिटल में भर्ती होने पर इलाज के शुरू में ही यदि प्लाज्मा थेरेपी दी जाए, तो रोगी के उपचार में इसके अच्छे परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि क्योंकि मानव रक्त का अभी कोई विकल्प नहीं है, इसलिए आवश्यकता पड़ने पर उदार हृदय रखते हुए एक इंसान को ही दूसरे इंसान के काम आना पड़ेगा और ये जरूरत कभी भी किसी को भी पड़ सकती है। इसलिए,सभी को रक्तदान और प्लाज्मा-दान जैसे मानव कल्याण के कार्यों को सहयोग देना चाहिए। उन्होंने ये भी कहा कि रक्तदान या प्लाज्मा-दान करने से दानदाता को कोई नुकसान नहीं होता, बल्कि कई लाभ ही होते हैं, साथ में कई लोगों की जान भी बचती है। उन्होंने बताया कि ‘ब्लड आॅन डिमांड’ की अवधारणा पर रक्तदान और प्लाज्मा-दान के क्षेत्र में संस्था राष्ट्रीय स्तर पर बहुत अच्छा कार्य कर रही है। समाजसेवी जीएस कपूर ने इस स्वयंसेवी संगठन की स्थापना की थी। इस संस्था से जुड़े हजारों वालंटियर्स आवश्यकता के अनुसार सीधे हॉस्पिटल में जाकर नि:स्वार्थ भाव से रक्तदान, प्लाज्मा-दान, प्लेट्लेट्स दान इत्यादि करते हैं और रोगियों की जान बचाने का प्रयास करते हैं। इस संस्था का हेल्पलाइन नंबर है 92 6666 6666,जिस पर दानदाता वालंटियर और प्राप्तकर्ता दोनों संपर्क कर सकते हैं। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि मानव जीवन ईश्वर ने सेवा के लिए दिया है, इंसान को इंसान के काम आना ही मानव धर्म है। वेद शास्त्र आदि भी सर्वे भवन्तु सुखिन: की बात करते हैं, आर्य समाज का छठा नियम भी संसार का उपकार करना इस समाज का मुख्य उद्देश्य है, कहते हंै। मानवता सबसे बड़ा धर्म है। विदुषी श्रुति सेतिया व डॉ. रचना चावला ने भी प्लाज्मा थेरेपी पर प्रकाश डाला और लोगों की शंकाओं का समाधान किया। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद उत्तर प्रदेश के महामंत्री प्रवीण आर्य ने कहा कि रक्तदान सर्वोत्तम दान है सभी को करना चाहिए। युवा गायक तिलक मित्रा, प्रवीना ठक्कर, आशा आर्या, रवीन्द्र गुप्ता, जनक अरोड़ा, संगीता आर्या, पुष्पा चुघ, चंद्रकांता आर्या, विजय लक्ष्मी, मृदुला अग्रवाल आदि ने भजन सुनाये। इस अवसर पर मुख्य रूप से आनन्द प्रकाश आर्य, सौरभ गुप्ता, पूजा मित्रा, आस्था आर्या, प्रतिभा कटारिया, उर्मिला आर्या, धर्मपाल परमार, वेदप्रकाश आर्य, ललित चौधरी आदि उपस्थित थे।

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