पीएम श्री प्राथमिक विद्यालय, कवि नगर में दो दिवसीय वार्षिक उत्सव का समापन

गाजियाबाद। पीएम श्री योजना के अंतर्गत संचालित पीएम श्री प्राथमिक विद्यालय, सी-ब्लॉक कवि नगर, गाजियाबाद के प्रांगण में दो दिवसीय वार्षिक उत्सव का भव्य एवं आकर्षक आयोजन किया गया। कार्यक्रम के प्रथम दिवस विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ, जबकि द्वितीय दिवस छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।
विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा स्वयं तैयार किए गए विशेष निमंत्रण कार्डों के माध्यम से अभिभावकों एवं गणमान्य अतिथियों को आमंत्रित किया गया, जिसकी सभी ने सराहना की। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि संजय सिंह (आबकारी अधिकारी, गाजियाबाद), जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओ. पी. यादव एवं खंड शिक्षा अधिकारी ममता भारती द्वारा दीप प्रज्जवलन कर किया गया।
इस अवसर पर रिंकिश कुमार वत्स (निदेशक, हिरनोट ग्रुप), राजेंद्र सिंह (सहायक अभियंता, नगर निगम गाजियाबाद), आचार्य डॉ. यश पराशर (आध्यात्मिक योग गुरु), नरेंद्र कुमार बिल्लू (महानगर अध्यक्ष, सेल्फ फाइनेंस प्रोग्रेसिव स्कूल प्रबंधक एसोसिएशन गाजियाबाद) तथा काजल छिब्बर (संस्थापिका, साथी फाउंडेशन) की विशिष्ट उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। साथी फाउंडेशन एवं रेडीको खेतान प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से बच्चों को सूक्ष्म जलपान की व्यवस्था की गई। साथ ही सिंपल चौधरी (जिला समन्वयक प्रशिक्षण) एवं कार्यक्रम के अंतर्गत छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना, स्वागत गीत, जलवा नाटक हरियाणवी नृत्य एवं अन्य सामाजिक विषयों पर आधारित प्रेरक प्रस्तुतियों ने उपस्थित अभिभावकों एवं अतिथियों को भावुक एवं प्रेरित किया। खेलकूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को अतिथियों द्वारा पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। विद्यालय के प्रधानाध्यापक डॉ. राजकुमार ने सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं तथा विद्यालय परिवार सदैव गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं सांस्कृतिक मूल्यों के संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावकों, शिक्षकों एवं गणमान्य नागरिकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली तथा पूरा विद्यालय परिसर उल्लास, अनुशासन एवं सांस्कृतिक गरिमा से ओतप्रोत दिखाई दिया।




