चर्चा-ए-आम
-
ओमिक्रान और सियासी रैलियां
कमल सेखरीओमिक्रान यानी कोरोना महामारी की वो तीसरी लहर जिसने विश्व के कई देशों में अपने पांव तेजी से पसारने…
Read More » -
सदन में मीडिया के प्रवेश पर रोक क्यों?
कमल सेखरीदेश की जनता से हम क्या छुपाना चाहते हैं। हम ऐसा क्या कर रहे हैं जिसके सार्वजनिक होने से…
Read More » -
लोकतंत्र भारत में जीवित रहेगा कैसे?
कमल सेखरीआज एक बार फिर भारी हंगामे के बीच लोकसभा की संसदीय कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा और साथ ही…
Read More » -
कृषि बिलों की वापसी पर विपक्ष का नाकाम हंगामा
कमल सेखरीमोदी सरकार ने जैसा कहा वैसा आज कर दिखाया। तीनों विवादित कृषि बिल आज लोकसभा में भारी हंगामे के…
Read More » -
किसानों को सरकार पर विश्वास क्यों नहीं?
कमल सेखरीकिसी भी देश का इससे बड़ा दुर्भाग्य नहीं हो सकता कि वहां की जनता अपनी व्यवस्था के प्रति विश्वास…
Read More » -
राम का नाम बदनाम ना करो…
कमल सेखरीराम कण कण में बसे हैं, हमारे रोम-रोम में बसे हैं। हम अपने व्यवहार में अधिकतर अपने संबोधनों में…
Read More » -
मोदी जी बहुत देर कर दी आते-आते…
कमल सेखरीदेर आए दुरुस्त आए। लेकिन बहुत देर कर दी हुजूर आते-आते। अगर आप अपने स्वार्थों को दरकिनार कर देते…
Read More » -
क्या यूपी फिर दोहराएगी अपनी चुनावी परंपरा
कमल सेखरीपांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के होने में नब्बे दिन से भी कम का समय रह गया है। इन…
Read More » -
प्रदूषण के भय से भारी पलायन
कमल सेखरीसमूचे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अगर लॉकडाउन लगाया जाए तो हम भी राजधानी दिल्ली में लाकडाउन लगाने को तैयार…
Read More » -
लाखों दीपों से क्या खुश होंगे प्रभु राम!
कमल सेखरीदीपावली हमारे देश का एक बड़ा त्योहार है। यह त्योहार आनंद, खुशी, उल्लहास और उमंग का प्रतीक है। इस…
Read More »