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भूगर्भ जल की संरक्षा व नियंत्रण के लिए अधिकारी उठाएं ठोस कदम: अस्मिता लाल

  • भूगर्भ जल घरेलू, कृषि व उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण स्रोत
  • रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाकर एकत्र किया जाए बारिश का पानी एकत्र
    गाजियाबाद।
    जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह के निर्देशन में मुख्य विकास अधिकारी अस्मिता लाल की अध्यक्षता में जिला भूगर्भ जल प्रबन्धन परिषद की बैठक आहूत की गयी। बैठक में सीडीओ अस्मिता लाल ने कहा कि भूगर्भ जल की संरक्षा व नियंत्रण के लिए अधिकारी ठोस कदम उठाएं। भूगर्भ जल के स्तरों में आई गिरावट से कठिन स्थिति उत्पन्न हो गई है। ग्रामीण व नगरीय क्षेत्रों में जल के स्रोतों में कमी आ रही है, भूगर्भ जल घरेलू, कृषि व उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण स्रोत होने के कारण खाद्य और जीविका का आधार है। जल प्रकृति का स्रोत है इसलिए भूमि में वनस्पति इत्यादि उत्पन्न करता है। उन्होंने कहा कि बारिश का जल खास तौर पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगा कर एकत्र किया जाए जिसे अनेक कार्यों में उपयोग किया जा सके। प्राकृतिक रूप से जल के स्तर को ऊपर उठाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं और जल दोहन रोका जाए। बैठक में पोर्टल पर नोटीफाइड क्षेत्र के एनओसी निर्गमन/नवीनीकरण के लिए प्राप्त 30 आवेदन, नॉन-नोटीफाइड क्षेत्र के कूप एनओसी के लिए प्राप्त 10 आवेदन एवं एमएसएमई श्रेणी के 27 एनओसी आवेदन, 2 कूप पंजीकरण आवेदन, नॉन-नोटीफाइड क्षेत्र के 1 कूप पंजीकरण आवेदन सहित कुल 70 आवेदनों पर विचार किया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अस्मिता लाल द्वारा 300 वर्ग मीटर क्षेत्रफल से कम क्षेत्रफल के आवासीय भवनों/संरचनाओं पर भी रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्थापित कराये जाने के लिए जीडीए के अधिशासी अभियन्ता एके चौधरी को निर्देशित किया गया। आकाश वशिष्ठ (नामित सदस्य) द्वारा पूर्व में स्वीकृत अनापत्ति प्रमाण पत्रों के सापेक्ष संस्थाओं द्वारा किये गये कम्प्लाइंसेज यथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग की स्थापना/आर्टीफिशियल रिचार्ज की व्यवस्था, पीजोमीटर की स्थापना, बोरवैल पर डिजिटल वाटर फ्लो मीटर की स्थापना आदि के निरीक्षण के लिए परिष्द से किये गये अनुरोध के क्रम में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा उपसमिति/टॉस्क फोर्स को उक्त निरीक्षण करने के लिए निर्देशित किया गया। बैठक में सोनिया मुराडिया, फ्रेन्ड्स एनजीओ संचालक (गैर-सरकारी संगठन) द्वारा निजी आवासीय भवनों में उपयोग में लाये जा रहे भूगर्भ जल को रिसाइकिल/री-यूज कराने के लिए सुझाव दिए गए जिस पर मुख्य विकास अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि नगर निगम द्वारा उक्त सन्दर्भित कार्य कराया जा रहा है। इस अवसर पर परियोजना निदेशक पीएन दीक्षित, संयुक्त आयुक्त उद्योग बीरेन्द्र कुमार, सहायक अभियन्ता लघु सिंचाई विभाग हरिओम, उप प्रभागीय वन अधिकारी आशुतोष पाण्डेय एवं अवर अभियन्ता भूगर्भ जल विभाग गौतमबुद्धनगर राहुल देव शर्मा उपस्थित रहे।

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