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यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 2023 को लेकर सीएम योगी ने ली समीक्षा बैठक

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि माह जनवरी, 2023 में यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया जाना है। यह हमारी कार्ययोजना का हिस्सा है। यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2023 में 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखकर कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2023 नए उत्तर प्रदेश की आकांक्षाओं को उड़ान देने वाली होगी।
मुख्यमंत्री अपने सरकारी आवास पर यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2023 की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के मंत्र को आत्मसात करते हुए प्रदेश, देश में औद्योगिक निवेश के ड्रीम डेस्टिनेशन के रूप में उभर कर आया है। 5 वर्ष पूर्व, प्रदेश की अर्थव्यवस्था देश में 5वें-6वें स्थान पर थी। वर्तमान में यह तेजी से देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने फरवरी, 2018 में लखनऊ में आयोजित यूपी इन्वेस्टर्स समिट-2018 का उद्घाटन किया था। इस समिट में 4.68 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। विगत 5 वर्षों में इनमें से 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव जमीन पर उतारे जा चुके हैं। जून, 2022 में सम्पन्न तृतीय ग्राउण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी में प्रधानमंत्री जी के कर-कमलों से 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक की नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई। इनके माध्यम से 05 लाख प्रत्यक्ष और 20 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2023 के आयोजन की तिथियां सभी पक्षों के साथ विचार-विमर्श कर यथाशीघ्र तय की जाएं। आयोजन न्यूनतम तीन दिवसीय होना चाहिए। इसमें से एक दिन एमएसएमई के लिए निर्धारित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनवरी, 2023 में प्रवासी भारतीय दिवस के आस-पास यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2023 का आयोजन किया जाना उपयुक्त रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूके, यूएसए, कनाडा, यूएई, स्वीडन, सिंगापुर, नीदरलैण्ड, इजरायल, फ्रांस, जर्मनी, साउथ कोरिया, मॉरीशस, रूस और आॅस्ट्रेलिया जैसे देशों में रोड-शो आयोजित कर यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2023 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। इन देशों के औद्योगिक जगत में यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2023 के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने के लिए टीम भेजी जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2023 के लिए सिंगापुर ने स्वत: स्फूर्त भाव से फर्स्ट कंट्री पार्टनर बनने की इच्छा जतायी है। इस प्रस्ताव पर विचार किया जाना चाहिए। यूपी इन्वेस्टर्स समिट-2018 में नीदरलैंड, जापान, स्लोवाकिया, फिनलैंड, चेक रिपब्लिक, मॉरीशस, थाईलैंड, नेपाल, बेल्जियम पार्टनर देश रहे हैं। यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2023 के लिए इन देशों के साथ-साथ स्वीडन, बेल्जियम से भी संवाद किया जाए। इन देशों के राजदूत/उच्चायुक्त से भी सम्पर्क किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास की अपार सम्भावना है। औद्योगिक क्षेत्र रोजगार का सबसे बड़ा साधन है। प्रदेश में औद्योगिक निवेश के माहौल को और बेहतर करने के लिए नियमों में समयानुकूल बदलाव किए जाने जरूरी हैं। इसके दृष्टिगत यथाशीघ्र राज्य की नई औद्योगिक नीति तैयार की जानी चाहिए। साथ ही, फूड प्रोसेसिंग, हैंडलूम, पॉवरलूम, आईटी, बायोफ्यूल, फिल्म एंड मीडिया, टूरिज्म, सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहन, एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट, गेमिंग और कॉमिक इंडस्ट्री, खिलौना निर्माण, सिविल एविएशन, हाउसिंग एण्ड रियल एस्टेट सहित विभिन्न सेक्टर्स में औद्योगिक जगत की जरूरतों के मुताबिक नीतियां तैयार की जाएं। यह कार्य शीर्ष प्राथमिकता के साथ अगस्त, 2022 तक पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न सेक्टर्स की नीतियां व्यावहारिक, आकर्षक एवं निवेशोन्मुख होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लैंड बैंक के बिना निवेश की कल्पना नहीं की जा सकती। इसलिए पहले से लैंड बैंक तैयार करके रखना चाहिए। प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र के लिए लगभग एक लाख हेक्टेयर भूमि उपलब्ध है। यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2023 से पहले लैंड बैंक का और विस्तार किया जाए। इसके लिए राजस्व विभाग की एक टीम गठित करें, जो निवेश के लिए उपयुक्त लैंड को चिन्ह्ति कर लें, निवेश के लिए जमीन की पर्याप्त उपलब्धता रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2023 में 50 करोड़ रुपये से अधिक राशि के निवेश के लिए समझौता पत्र राज्य स्तर पर किया जाए। इससे कम धनराशि के निवेश प्रस्तावों के लिए एमओयू जनपद स्तर पर किया जाना चाहिए। इस कार्य की सतत् मॉनीटरिंग और सहज क्रियान्वयन के लिए वेब पोर्टल तैयार किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2023 के सफल आयोजन के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर सभी सम्बन्धित विभाग द्वारा युद्धस्तर पर तैयारी की जाए। मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा इसकी सतत मॉनीटरिंग की जानी चाहिए। यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2023 में किन देशों को पार्टनर स्टेट के रूप में सम्मिलित करना उचित रहेगा, इस सम्बन्ध में भारत सरकार से संवाद बनाकर आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त किया जाए।
इस अवसर पर औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी, एमएसएमई मंत्री राकेश सचान, औद्योगिक विकास राज्यमंत्री जसवन्त सैनी, मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र, कृषि उत्पादन आयुक्त मनोज कुमार सिंह, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त अरविन्द कुमार, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव एमएसएमई एवं सूचना नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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