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सुरक्षा, सुव्यवस्था एवं सुशासन प्रदेश सरकार की प्राथमिकता: सीएम योगी

  • 100 दिनों में कम से कम 10 हजार पुलिस कर्मियों की भर्ती सुनिश्चित की जाए
  • टॉप-10 अपराधियों को चिन्ह्ति कर उनके प्रति कठोर कार्रवाई के निर्देश
    लखनऊ।
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। एक डीएम व एक एसएसपी को निलंबित कर उन्होंने संदेश दे दिया है कि वे कोई ढिलाई नहीं चाहते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गृह विभाग को100 दिनों की कार्ययोजना के तहत प्राथमिकताएं निर्धारित कर तेजी से कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि 2 अप्रैल से मिशन शक्ति अभियान के अन्तर्गत महिला सुरक्षा को और प्रभावी तथा सक्रिय ढंग से संचालित किया जाए। स्कूल, कॉलेज, बाजार व भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर विशेष अभियान चलाया जाए।
    अपने सरकारी आवास पर गृह विभाग की 100 दिनों की कार्ययोजना के सम्बन्ध में आहूत एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सुरक्षा, सुव्यवस्था एवं सुशासन प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। प्रदेश के सभी आस्था केन्द्रों व महत्वपूर्ण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्थाओं को और बेहतर किया जाए। आगामी एक वर्ष में सभी जनपदों में पुलिस लाइनों की औचित्यपूर्ण स्थापना की जाए। सभी स्तर के पुलिस अधिकारी प्रतिदिन फुट पेट्रोलिंग करें। पीआरवी-112 की पेट्रोलिंग नियमित रूप से प्रभावी ढंग से संचालित की जाए। ट्रैफिक व्यवस्था को और चुस्त-दुरुस्त किया जाए। पुलिस थानों में स्वच्छ वातावरण निर्मित किया जाए तथा जनसामान्य के बैठने एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था की जाए। जनशिकायतों को प्रमुखता के साथ निस्तारित किया जाए। जनसामान्य में पुलिस की छवि को और बेहतर किया जाए।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए अवैध सम्पत्तियों का ध्वस्तीकरण और जब्तीकरण किया जाए। पेशेवर अपराधियों सहित खनन, शराब, पशु, वन तथा भू-माफियाओं के प्रति किसी भी प्रकार की रियायत न बरती जाए। सभी वरिष्ठ अधिकारी फील्ड विजिट करें। उन्होंने कहा कि सभी तहसील मुख्यालयों पर फायर सर्विस की स्थापना का कार्य 100 दिन की प्राथमिकताओं में शामिल करते हुए पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि एंटी करप्शन यूनिट और विजिलेंस यूनिट की कार्य प्रणाली को प्रभावी ढंग से संचालित करते हुए कार्यवाही की जाए।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत और वॉर्ड स्तर पर तैनात महिला बीट पुलिस अधिकारी महिला अपराध नियंत्रण एवं विकास योजनाओं के प्रचार-प्रसार की कार्यवाही अन्तर्विभागीय समन्वय के माध्यम से करें। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम चौकीदारों से संवाद स्थापित कर अपराध पर नियंत्रण किया जाए। उन्होंने 3 पीएसी महिला बटालियन की स्थापना के लिए निर्माण कार्यों को तेजी से पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला सम्बन्धी अपराधों के अभियोजन की कार्यवाही को शीघ्र एवं प्रभावी ढंग से किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि डिस्ट्रिक्ट मॉनीटरिंग कमेटी से समन्वय स्थापित करते हुए इस सम्बन्ध में नियमित समीक्षाएं की जाएं। उन्होंने कहा कि इंटेलीजेंस, एसटीएफ और एटीएस की कार्य प्रणाली में परस्पर समन्वय स्थापित किया जाए।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक स्तर के पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। अपराध व अपराधियों तथा भ्रष्टाचार व भ्रष्टाचारियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए कार्य किया जाए। प्रत्येक थाने एवं जनपद स्तर पर टॉप-10 अपराधियों को चिन्ह्ति कर उनके प्रति कठोर कार्रवाई के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि चार्जशीट के सम्बन्ध में समीक्षाएं की जाएं। यूपी गैंगस्टर एक्ट और गुंडा एक्ट के तहत कार्यवाही सुनिश्चित हो। तकनीक के उपयोग पर जोर देते हुए अपराध नियंत्रण की कार्यवाही की जाए। सोशल मीडिया का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करते हुए सफलता की कहानियों को प्रचारित-प्रसारित किया जाए। पुलिस विभाग में 100 दिनों में कम से कम 10 हजार पुलिस कर्मियों की भर्ती सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी, पुलिस महानिदेशक मुकुल गोयल, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद, एडीजी (लॉ एण्ड आॅर्डर) प्रशान्त कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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